19 लाख की लूट का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

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19 लाख की लूट का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

- नॉर्थ जिला पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई से सुलझी वारदात; सीसीटीवी, ANPR और तकनीकी निगरानी से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, 9.90 लाख रुपये और लूट के पैसे से खरीदा iPhone 17 Pro बरामद

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिवकुमार यादव। नॉर्थ जिला पुलिस ने 30 सितंबर को हुई करीब 19.50 लाख रुपये की लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ितों का कूचा घासी राम से पीछा किया था और पहले जीपीओ के पास वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के जुटने के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा। इसके बाद आरोपियों ने रानी झांसी फ्लाईओवर के पास पीड़ितों को रोककर नकदी से भरा बैग लूट लिया।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों की तलाश में दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक अंतरराज्यीय अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज, ANPR कैमरों और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों का पता लगाया।

पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को मुकेश और रामेश्वर ओल्ड लाजपत राय मार्केट स्थित अपने कार्यालय से करीब 19.50 लाख रुपये नकद लेकर स्कूटी से करोल बाग जा रहे थे। छत्ता रेल पार करने के बाद जीपीओ के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोगों ने रोडरेज का बहाना बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने के कारण आरोपी वहां से चले गए।

इसके बाद दोनों पीड़ित आगे बढ़े। सेंट स्टीफंस अस्पताल के पास रानी झांसी फ्लाईओवर पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार-पांच लोगों ने उनकी स्कूटी को रोक लिया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस संबंध में थाना कश्मीरी गेट में FIR नंबर 446/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कूचा घासी राम से ही रखी जा रही थी नजर

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने वारदात और आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सामने आया कि छह लोग दो मोटरसाइकिलों पर पीड़ितों का पीछा कर रहे थे। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों के आने-जाने के रास्तों को सीसीटीवी के जरिये ट्रैक किया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों में से दो ने पीड़ित की दुकान के बाहर निगरानी रखी थी और कूचा घासी राम से ही उसका पीछा शुरू किया था, जहां पीड़ित भुगतान लेने गया था। इससे पुलिस को यह संकेत मिला कि वारदात अचानक नहीं बल्कि पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद की गई थी।

मोटरसाइकिल से खुला आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता

पुलिस ने ANPR कैमरों की मदद से वारदात में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल की पहचान की। जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल पहले परवेज के नाम पर पंजीकृत थी, जिसे उसने अनस को बेच दिया था। इसके बाद मोटरसाइकिल ओमकार के पास पहुंची और अंततः आरोपी दानिश के कब्जे में आई।

तकनीकी निगरानी से पुलिस ने वारदात के समय दानिश की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। इसके बाद CDR और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसके साथियों की पहचान की गई।

मानाली से लौटते समय चार आरोपी पकड़े गए

पुलिस के मुताबिक, लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद अभिषेक, शाकिर, सुलेमान और अरुण को 3 अक्टूबर को दिल्ली लौटते समय गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी कथित तौर पर लूट के बाद मनाली चले गए थे और वहां लूट की रकम का कुछ हिस्सा खर्च किया।

इसके अलावा दूसरी मोटरसाइकिल के मालिक सुभाष कश्यप को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9.90 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा लूट की रकम से खरीदा गया करीब एक लाख रुपये कीमत का नया iPhone 17 Pro भी बरामद किया गया है।

साजिश में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और CDR समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में बृज, अमन और पिंटू समेत अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जांच में आरोप है कि बृज को नकदी की आवाजाही की जानकारी थी और उसने कथित तौर पर अमन व पिंटू को पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया था।

अमन और पिंटू ने कथित तौर पर कूचा घासी राम से पीड़ित का पीछा किया और उसके बारे में अपने साथियों को जानकारी दी। इसके बाद छह आरोपियों ने दो मोटरसाइकिलों से पीड़ितों का पीछा किया और पहले कश्मीरी गेट के आसपास लूट की कोशिश की। असफल रहने के बाद उन्होंने रानी झांसी फ्लाईओवर पर वारदात को अंजाम दिया।

वारदात के बाद आरोपी सदर बाजार और पहाड़गंज के रास्ते फरार हुए और लूटी गई रकम आपस में बांट ली। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से अधिकांश बाद में मनाली चले गए, जबकि सुभाष दिल्ली में रहा। अमन और पिंटू के उत्तराखंड के नैनीताल की ओर भागने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई शेष रकम की बरामदगी के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में टीमें भेजी गई हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस पूरी साजिश तथा सभी आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

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