सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: मालदा हिंसा पर प्रशासन और सरकार को फटकार

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September 22, 2026

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-सीजेआई ने उठाए तीखे सवाल

पश्चिम बंगाल/उमा सक्सेना/-   पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सामने आए गंभीर घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने सीधे सवाल किया कि जब हालात इतने संवेदनशील थे, तो जिले के डीएम और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। कोर्ट ने इस रवैये को न्यायपालिका के प्रति चुनौती जैसा बताया और कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

न्यायिक अधिकारियों के साथ घटना पर गंभीर टिप्पणी
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें चुनाव आयोग की प्रक्रिया के दौरान ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों के साथ हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आईं। जानकारी के अनुसार, सात न्यायिक अधिकारियों—जिनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं—को करीब नौ घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह न्याय व्यवस्था को प्रभावित करने की एक सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है।

सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार के रवैये पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि घटना की जानकारी पहले से होने के बावजूद समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जो कि बेहद लचर और गैर-जिम्मेदाराना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की चूक स्वीकार नहीं की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी
इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों—मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक—को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे पूछा है कि समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। साथ ही अगली सुनवाई में इन अधिकारियों की वर्चुअल उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिए हैं कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सभी संवेदनशील स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने और अधिकारियों व उनके परिवारों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

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