NCP के दोनों गुटों को एक करना चाहते थे अजित दादा!

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 27, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

NCP के दोनों गुटों को एक करना चाहते थे अजित दादा!

-निधन के बाद करीबी सहयोगी किरण गुजर का भावुक बयान

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार के निधन के बाद विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य और पवार परिवार के करीबी किरण गुजर ने बड़ा खुलासा किया है। किरण गुजर ने शुक्रवार को कहा कि NCP प्रमुख अजीत पवार की आखिरी इच्छा पार्टी के दोनों गुटों को एक करना था। दरअसल, बुधवार को विमान दुर्घटनाग्रस्त होने एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई। गुरुवार को अजित पवार का अंतिम संस्कार बेटे पार्थ और जय ने बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में की।

‘दादा’ की आखिरी इच्छा
अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए किरण गुजर ने कहा, “आज, अजित पवार की अस्थियों को यहां संगम में विसर्जित किया गया। ‘दादा’ की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होना चाहिए। सभी को एकजुट होना चाहिए। इस बारे में पूरे परिवार में बात हो रही थी। उनसे मेरी आखिरी फोन कॉल में, उन्होंने मुझसे कुछ चुनाव से संबंधित कागजात मांगे थे।”
NCP और NCP (SCP) ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव गठबंधन में लड़े थे। आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए भी गठबंधन की बात चल रही थी। यह लगभग तय था कि दोनों गुट एक साथ आएंगे।

यह पार्टी का फैसला है
अजित पवार की मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया है। शिवसेना की नेता शायना एनसी ने कहा कि नए NCP प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर फैसला पार्टी को करना है।
शिवसेना की नेता शायना एनसी ने , “मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह की अटकलों का समय है। हमने अभी-अभी अजीत दादा को खोया है, यह महाराष्ट्र राज्य के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। पार्टी अध्यक्ष किसे बनाना है और उपमुख्यमंत्री किसे बनाना है, यह NCP का फैसला है। ये सभी अटकलें हैं जो इंतजार कर सकती हैं। राजनीति चलती रहेगी। परिवार को शोक मनाने दें।”

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox