दोस्तों के फोन पर अचानक आया कोहली-डिविलियर्स का कॉल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दोस्तों के फोन पर अचानक आया कोहली-डिविलियर्स का कॉल

-चौंका देने वाला निकला मामला

क्रिकेट/सिमरन मोरया/- सोचिए..आप अपने गांव में किसी किराने की दुकान पर बैठे हो और आपक फोन बज उठे। कॉल की दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं विराट कोहली बोल रहा हूं। कुछ देर बाद दूसरा कॉल आए और दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं एबी डिविलियर्स बोल रहा हूं। आप सोच में पड़ जाएंगे और लगेगा कि कोई प्रैंक या फिर मजाक कर रहा है। फिर कुछ देर बाद एक और कॉल आए और सामने वाला शख्स बोले…हैलो! मैं रजत पाटीदार बोल रहा हूं।

28 जून को मनीष ने खरीदा था सिमकार्ड
दरअसल, इस कहानी की शुरुआत 28 जून को हुई। मनीष ने आसपास के एक दुकान से एक नया सिमकार्ड खरीदा। सिमकार्ड के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे आमतौर पर सबको गुजरना पड़ता है। हालांकि, ट्विस्ट तब आया, जब वह सिमकार्ड चालू हुआ और मनीष ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया। उस नंबर के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर में रजत पाटीदार की तस्वीर दिखी। मनीष और खेमराज ने सोचा कि यह कोई मजाक है। लेकिन इसके कुछ दिन बाद उस नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए। ये कॉल पड़ोसी या फिर रिलेटिव्स के नहीं, बल्कि क्रिकेट स्टार्स और उनसे जुड़े लोगों के थे। किसी ने खुद को विराट कोहली बताया तो किसी ने एबी डिविलियर्स।

मनीष और खेमराज ने खुद को धोनी बताना शुरू किया
मनीष और खेमराज को लगा कि किसी का प्रैंक है। उन्होंने भी प्रैंक करने का सोचा। इसके बाद जब भी क्रिकटर्स की ओर से फोन आता, तो उन्होंने खुद को ‘महेंद्र सिंह धोनी’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। 15 जुलाई को मनीष को एक अनजान नंबर से एक और कॉल आया। इस बार एक विनम्र आवाज ने कहा, ‘भाई, मैं रजत पाटीदार हूं। जिस नंबर से तुम बात कर रहे हो, वह मेरा नंबर है, कृपया इसे वापस कर दें।’ तब भी मनीष और खेमराज चिढ़ाने के मूड में थे और उन्होंने जवाब दिया, ‘और हम एमएस धोनी हैं।’

मनीष और खेमराज ने सिम पुलिस को लौटाया
पाटीदार ने धैर्यपूर्वक समझाया कि यह नंबर उनके लिए महत्वपूर्ण है। इस नंबर की वजह से वह अपने कोच, दोस्तों और क्रिकेट बिरादरी से जुड़े हुए हैं। जब मनीष और खेमराज की मस्ती बंद नहीं हुई, तो पाटीदार ने चेतावनी दी, ‘ठीक है, मैं पुलिस भेजूंगा।’ 10 मिनट के अंदर, पुलिस उनके दरवाजे पर थी। तभी मनीष और खेमराज का दिमाग कौंधा और उन्हें पता चला कि वे असली रजत पाटीदार या फिर विराट कोहली या फिर एबी डिविलियर्स से बात कर रहे थे। उन दोनों ने सिम बिना किसी हिचकिचाहट के वापस कर दिया।

एक सिम ने बदल दी खेमराज की जिंदगी
विराट कोहली के फैन खेमराज के लिए दुर्घटनावश आए फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी। खेमराज ने मुस्कुराते हुए बताया, ‘गलत नंबर की वजह से मुझे कोहली से बात करने का मौका मिला। मेरे जीवन का लक्ष्य पूरा हो गया है।’ गांव वाले अब मडागांव के ‘क्रिकेट के नक्शे पर’ होने जैसा मजाक करते हैं। वहीं, मनीष और खेमराज को उम्मीद है कि पाटीदार इस बार फिर से अपने सिम के लिए नहीं, बल्कि धन्यवाद कहने के लिए फोन करेंगे।

एक दुकान क्रिकेट हॉटलाइन में बदली
दूरसंचार कंपनियां 90 दिनों से अधिक समय तक निष्क्रिय रहने वाले नंबरों को रीसायकल करती हैं। पाटीदार का पुराना नंबर निष्क्रिय कर दिया गया था और मनीष ने वह नंबर गलती से खरीद लिया था। सिमकार्ड की वजह से अनजाने में एक छोटी किराने की दुकान ‘क्रिकेट हॉटलाइन’ में बदल गई थी। रजत पाटीदार फिलहाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के कप्तान हैं और इसी साल उनकी कप्तानी में आरसीबी ने आईपीएल खिताब का सूखा समाप्त किया था।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox