मतदाता सूची की शुद्धता के लिए बिहार में चला विशेष अभियान, 1 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

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March 3, 2026

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मतदाता सूची की शुद्धता के लिए बिहार में चला विशेष अभियान, 1 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

अनीशा चौहान/-  बिहार में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) ज़ोरों पर चल रहा है। यह अभियान निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने के लिए चलाया जा रहा है।

सभी पात्र मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास
निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। 1 अगस्त से 1 सितंबर, 2025 तक का एक महीना ऐसा होगा जब मतदाता और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल दावा-आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) क्षेत्र में जाकर छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने और अयोग्य नामों को हटाने का कार्य करेंगे। इससे मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

राजनीतिक दलों को साथ लेकर पारदर्शिता की ओर क़दम
20 जुलाई, 2025 को शुरू हुए पहले चरण के अंतर्गत, 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के 1.5 लाख बीएलए के साथ उन मतदाताओं की जानकारी साझा की गई, जिनका नाम सूची से छूटा है या जो गलती से दर्ज हो गए हैं। यह कदम पारदर्शिता और राजनीतिक सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म भरने की सुविधा
बिहार से बाहर रह रहे मतदाता भी अब https://voters.eci.gov.in या ECINet ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, फॉर्म भरकर बीएलओ को हाथों-हाथ या व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो समय या दूरी के कारण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।

1 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज करने का अवसर
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद 1 सितंबर, 2025 तक मतदाता और राजनीतिक दल Election Registration Officer (ERO) या Assistant ERO (AERO) के समक्ष दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन देकर नाम जुड़वा सकता है।

निष्पक्ष चुनाव की ओर एक सशक्त पहल
यह संपूर्ण प्रक्रिया बिहार में निष्पक्ष और समावेशी चुनावी व्यवस्था की ओर एक ठोस कदम है। जब हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज होगा, तभी राज्य में एक सशक्त और योग्य नेतृत्व के चुनाव की उम्मीद की जा सकती है।

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