तेहरान/अनीशा चौहान/- शुक्रवार, 13 जून को इज़रायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ ने ईरान में अफरा-तफरी मचा दी है। इस हमले में इज़रायली वायुसेना ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे राजधानी तेहरान में भय और दहशत का माहौल पैदा हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए शहर छोड़कर भाग रहे हैं।
तेहरान छोड़कर भाग रहे लोग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़रायली हमलों के कारण तेहरान के हजारों निवासी अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और जाम की स्थिति बन गई है। विशेषकर नोबोन्याद स्क्वायर के पास एक रिहायशी इमारत के ढहने और मुख्य गैस डिपो व तेल रिफाइनरी पर हुए हमलों ने लोगों में दहशत और बढ़ा दी है। सीमाएं बंद होने और कुछ मार्गों पर प्रतिबंध के कारण लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने खोले अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान सरकार ने राजधानी के मेट्रो स्टेशन, मस्जिदों और स्कूलों को 24 घंटे के लिए आश्रय स्थलों के रूप में खोल दिया है। तेहरान सिटी काउंसिल के प्रमुख महदी चमरान ने बताया कि शहर में आपातकालीन आश्रय स्थलों की कमी है, इसलिए मल्टी-स्टोरी कार पार्किंग और ऊँची इमारतों को भी तैयार किया जा रहा है।
हवाई क्षेत्र बंद, उड़ानें रद्द
इज़रायली हमलों के बाद ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। सरकार ने जनता से शांत रहने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि, हमलों की तीव्रता और लगातार हो रहे धमाकों की आवाज़ों से नागरिकों में भारी डर बना हुआ है।


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