न्यूयॉर्क/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- अमेरिका के नेवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भारतीय छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है, जिसने भारत और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना ७ जून की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि एक अमेरिकी अधिकारी छात्र को हथकड़ी पहनाकर ज़मीन पर पटकता है और फिर उसकी पीठ पर घुटना रखकर दबाव डालता है। यह वीडियो भारतीय-अमेरिकी उद्यमी कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया, जो हेल्थबॉट्स एआई के अध्यक्ष हैं।
मैं पागल नहीं हूँ, वे मुझे पागल साबित करना चाहते हैं: छात्र की चीख
कुणाल जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा मैंने नेवार्क एयरपोर्ट पर एक युवा भारतीय छात्र को देखा जिसे ज़बरदस्ती निकाल दिया गया। वह रो रहा था, हथकड़ी में था और उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। वह अपने सपनों को पूरा करने अमेरिका आया था, किसी को नुकसान पहुँचाने नहीं। उन्होंने बताया कि छात्र हरियाणवी लहजे में चिल्ला रहा था मैं पागल नहीं हूँ। वे मुझे पागल साबित करना चाहते हैं।
क्या था विवाद का कारण?
रिपोर्ट्स के अनुसार छात्र अमेरिका में प्रवेश की वैधता को लेकर इमिग्रेशन अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर पाया। उसके यात्रा के उद्देश्य पर स्पष्ट उत्तर न दे पाने पर अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट (निर्वासित) करने का निर्णय लिया। कुणाल जैन ने आरोप लगाया कि हाल के हफ्तों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय छात्रों को उचित कारण बताए बिना ही वापस भारत भेज दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा, ये बच्चे सुबह अमेरिका पहुंचते हैं, वैध वीज़ा लेकर, लेकिन शाम तक उन्हें अपराधियों जैसा ट्रीटमेंट देकर वापस भेज दिया जाता है।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ८ जून को एक बयान जारी किया। दूतावास ने कहा –
“हमें सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स मिली हैं जिनमें यह दावा किया गया है कि एक भारतीय नागरिक के साथ नेवार्क एयरपोर्ट पर दुर्व्यवहार हुआ है। हम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।”
न्याय की माँग और बढ़ता जनाक्रोश
यह मामला अब केवल एक छात्र तक सीमित नहीं रह गया है। कई भारतीय और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने अमेरिकी सरकार से जवाब माँगा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और #JusticeForIndianStudent ट्रेंड कर रहा है।


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