भारत का लॉन्ग टर्म वीजा: कौन कर सकता है आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया

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भारत का लॉन्ग टर्म वीजा: कौन कर सकता है आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया

-पाकिस्तानी नागरिकों के लिए नियम और शर्तें

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर कई सख्त कदम उठाए हैं। इनमें से एक पाकिस्तानी नागरिकों को दिए जाने वाले वीजा को निरस्त करना भी है। वीजा की कैटेगरी पर और स्पष्टता देते हुए विदेश मंत्रालय ने बीती 24 अप्रैल को पहले के आदेश में सुधार वाले बयान की जानकारी दी थी, जिसके मुताबिक हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को पहले से ही हासिल लंबी अवधि के वीजा (LTV) वैध माने जाएंगे। हालांकि एक दिन बाद गृह मंत्रालय की ओर से एक सर्कुलर आया, जिसके मुताबिक सभी तरह के लंबी अवधि के वीजा 29 अप्रैल के बाद भी वैध रहेंगे।

गृह मंत्रालय की वेबसाइट बताती है कि पाकिस्तान/बांग्लादेश/अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े नागरिक LTV वीजा के लिए आवेदन करने के योग्य हैं। इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय से जुड़े लोग आते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान की वो महिला नागरिक, जिन्होंने भारतीय नागरिक के साथ शादी की है, वे भी ऐसे वीजा हासिल कर सकती हैं । इसके अलावा भारतीय मूल की वो महिलाएं, जिनकी शादी पाकिस्तान/अफगानिस्तान/बांग्लादेश में रहने वाले नागरिक के साथ हुई है, लेकिन अब या तो उनका डिवोर्स हो गया है या फिर उनके पति की मौत हो गई है, वे भी इसके योग्य हैं। इसके अलावा दया के योग्य कुछ मामले भी हैं, जिनके आधार पर भारत ये वीजा इन तीनों देशों के नागरिकों को दे सकता है । पहली 3 श्रेणियों में जारी हुए लॉन्ग टर्म वीजा पांच साल तक के लिए जारी होते हैं, जबकि दया के आधार पर दिए जाने वाले वीजा एक साल के लिए जारी होते हैं ।

सितंबर में 145 पाकिस्तानी नागरिकों को मिला
लंबी अवधि के वीजा धारक भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी हिंदू होते हैं, जो भारत की नागरिकता चाह रहे होते हैं। बीते साल ही सितंबर में 145 पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की ओर से इस कैटेगरी का वीजा दिया गया था।

LTV वालों के लिए क्या हैं नियम?
एक बार ये वीजा हासिल हो जाने के बाद ये लोग कुछ नियमों से बंधे होते हैं। लॉन्ग टर्म पर रह रहे लोगों के फोन नंबर फॉरेन रिजनरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस/ फॉरनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस/ डीसीपी के पास दर्ज करवाए जाने चाहिए और इसमें अगर कोई बदलाव होता है, तो उसकी जानकारी भी उन्हें देनी होगी । इसके अलावा भी इन लोगों के लिए कुछ नियम तय हैं, जिनमें इनके रोजगार के अलावा, जिस राज्य में ये रह रहे हैं, उससे बाहर जाने संबंधी गाइडलाइन हैं। पहली कैटेगरी में लॉन्ग टर्म वीजा पर आए लोग स्वरोजगार या फिर अपना बिजनेस कर अपनी आजीविका कमा सकते हैं। हालांकि ऐसा वे प्रतिबंधित जगहों पर नहीं कर सकते। इसके अलावा वो कॉन्ट्रैक्ट वाला काम रेलवे, डिफेंस इन्फ्रा समेत संवेदनशील संस्थानों में नहीं कर सकते। साथ ही वे टेलीकम्यूनिकेशन यानी मोबाइल हैंडसेट, सिम कार्ड, लैपटॉप से जुड़े बिजनेस भी नहीं कर सकते। अगर लंबी अवधि के वीजा पर भारत आए पड़ोसी देशों के नागरिक उस राज्य से बाहर जाना चाहते हैं, जहां वो रह रहे हैं तो वे 15 दिनों के लिए बिना किसी कोई सूचित किए ऐसा कर सकते हैं, लेकिन उससे ज्यादा दिनों के लिए अपने प्रवास की वजह के डॉक्यूमेंट देने होंगे। इन्हें हर साल निजी तौर पर अपनी रिपोर्टिंग DCP/ FRO/ FRRO के पास करनी होती है।

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