प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम “अध्यात्म से आनंद की ओर” पटना में आयोजित

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प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम “अध्यात्म से आनंद की ओर” पटना में आयोजित

पटना/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  राम-जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में 18 नवंबर को पटना, बिहार में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर “अध्यात्म से आनंद की ओर” विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यात्म और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम के दौरान आरजेएस पीबीएच के संस्थापक दंपति, श्री उदय कुमार मन्ना और श्रीमती बिन्दा मन्ना ने आरजेएस युवा टोली पटना के प्रभारी दंपति, साधक ओमप्रकाश और श्रीमती कौशल्या देवी को सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया। यह सम्मान आरजेएस के वैश्विक उद्देश्यों को बढ़ावा देने में उनके योगदान को लेकर दिया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ अध्यात्मिक शांति के लिए हवन-यज्ञ और तुलसी पूजा के साथ हुआ, जिसमें गायत्री मंत्र का उच्चारण किया गया। इस अवसर पर बिहार और झारखंड के पतंजलि प्रमुख, डा. अजित कुमार, डा. भगवान मिश्रा और स्वामी कौशल ने राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर विशेष संदेश दिया और स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला।

आरजेएस पीबीएच के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को सकारात्मक आंदोलन के उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने आगामी 15 और 19 जनवरी 2025 को प्रवासी भारतीय और देसीय प्रवासी भारतीय सम्मान समारोह आयोजित करने की घोषणा भी की। यह आयोजन भारतीय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

साधक ओमप्रकाश ने “अध्यात्म से आनंद की ओर” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अध्यात्म हमें जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भगवान विष्णु और नारद के सकारात्मक कार्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार से दिव्य आत्मा का आभास और उसकी उपस्थिति हमें हमारे जीवन में मार्गदर्शन देती है।

युवा टोली के सदस्य वैभव भारद्वाज ने एक प्रश्न पूछा कि “आधुनिक युग में हम बेटी के विवाह के लिए तमाम मानकों में संबंध को मापते हैं, फिर भी विवाह के बाद विवाह सफल नहीं हो पाता, इसमें अध्यात्म हमारी किस तरह मदद कर सकता है?” इस पर साधक ओमप्रकाश ने बताया कि अध्यात्मिक दृष्टिकोण से हमें रिश्तों को समझने और उन्हें शांति व संतुलन से निभाने की कला सीखनी चाहिए।

कार्यक्रम में बिहार और झारखंड के पतंजलि प्रमुख, डा. अजित कुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पतंजलि वेलनेस सेंटर की टीम विभिन्न जिलों में प्राकृतिक उपचार की सेवाएं प्रदान कर रही है, और आरजेएस टीम अपने प्रसारणों के माध्यम से इन उपचारों को और अधिक बढ़ावा देगी।

डा. अजित कुमार ने यह भी बताया कि पतंजलि टीम जैविक खाद्य उत्पादों को विकसित और बढ़ावा दे रही है, और आरजेएस टीम युवाओं को प्रकृति और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ने के महत्व के बारे में जागरूक करेगी। इस संदर्भ में उन्होंने कब्ज जैसी सामान्य बीमारियों के लिए प्राकृतिक उपचारों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में लेखक अर्जुन प्रसाद, पत्रकार अनिकेत सिन्हा और सपना ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सभी को प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी।

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अध्यात्म और प्राकृतिक चिकित्सा का संयोजन हमें एक स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।

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