हरियाणा चुनाव: मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में राव इंद्रजीत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, 9 विधायकों का समर्थन

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July 14, 2026

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हरियाणा चुनाव: मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में राव इंद्रजीत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, 9 विधायकों का समर्थन

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के बाद अब बीजेपी में भी सत्ता को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। इस खींचतान के केंद्र में राव इंद्रजीत सिंह हैं, जिन्होंने हाल ही में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। राव इंद्रजीत सिंह ने पिछले दो दिनों में 9 विधायकों को अपने घर बुलाकर यह साफ संकेत दे दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं।

राव इंद्रजीत का शक्ति प्रदर्शन

हरियाणा के चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी के अंदर सत्ता को लेकर मंथन जारी है। 2014 और 2019 के मुकाबले इस बार सरकार गठन में देरी हो रही है। राव इंद्रजीत सिंह को इस बार के चुनाव परिणामों के बाद नज़रअंदाज करना बीजेपी के लिए आसान नहीं है। खासतौर से तब जब हरियाणा की अहीरवाल बेल्ट की 11 में से 10 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है, जिसमें से ज्यादातर सीटें राव के प्रभाव क्षेत्र में आती हैं।

विधायक राव के समर्थन में

राव इंद्रजीत सिंह के घर हाल ही में 9 विधायक पहुंचे हैं, जिसमें सोहना से विधायक तेजपाल तंवर, महेंद्रगढ़ से विधायक कंवर सिंह यादव, कोसली से विधायक अनिल डहीना, गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, राव की बेटी आरती भी विधायक चुनी गई हैं, जो उनके राजनीतिक प्रभाव को और मजबूत करता है।

बीजेपी हाईकमान की चुनौती

हरियाणा विधानसभा में 90 में से 48 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है, जो बहुमत से सिर्फ 2 अधिक है। इस स्थिति में, हर विधायक का समर्थन महत्वपूर्ण है और राव इंद्रजीत सिंह को नज़रअंदाज करना बीजेपी नेतृत्व के लिए मुश्किल हो सकता है। राव समर्थकों का कहना है कि जिस व्यक्ति के नेतृत्व में पार्टी ने अहीरवाल क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज की हो, उसे दरकिनार करना पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।

राव इंद्रजीत सिंह के इस शक्ति प्रदर्शन से साफ है कि वह हरियाणा में मुख्यमंत्री पद के लिए गंभीर दावेदार बन चुके हैं। अब देखना यह है कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व इस आंतरिक खींचतान को कैसे सुलझाता है और हरियाणा में नई सरकार के गठन में क्या निर्णय लेता है।

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