दिल्ली शराब घोटाला मामले में एससी ने के. कविता को दी जमानत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली शराब घोटाला मामले में एससी ने के. कविता को दी जमानत

-अदालत ने सीबीआई और ईडी की जांच प्रक्रिया की आलोचना की

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बीआरएस की एमएलसी क.े कविता को जमानत दे दी। इस दौरान अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच की प्रक्रिया की आलोचना भी की। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन शामिल थे, ने सीबीआई और ईडी से पूछा कि उनके पास यह साबित करने के लिए क्या ठोस सबूत हैं कि के कविता कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले में शामिल थीं।

          के कविता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने जमानत की मांग करते हुए तर्क किया कि उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा की जा रही जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। मुकुल रोहतगी ने यह भी उल्लेख किया कि शीर्ष अदालत ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में सह-आरोपी और आप के नेता मनीष सिसौदिया को जमानत दी है, जिससे उनके मामले की समानता को उजागर किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकार जमानत की अनुमति दी और दोनों जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे मामले में अपने दावे और सबूतों के बारे में स्पष्ट जानकारी प्रदान करें।

के कविता ने अपने मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर दिया…
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान, जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दावा किया कि के कविता ने अपने मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर दिया था। उन्होंने इस व्यवहार को सबूतों के साथ छेड़छाड़ के रूप में पेश किया। राजू ने कहा कि के कविता का यह कदम जांच को प्रभावित करने और सबूतों को नष्ट करने की कोशिश को दर्शाता है। के कविता के वकील ने इस आरोप को पूरी तरह से असत्य और आधारहीन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन को फॉर्मेट करना कोई असामान्य या आपत्तिजनक गतिविधि नहीं है और यह किसी भी तरह से जांच में बाधा डालने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का इरादा नहीं दर्शाता।
            सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस आरोप के जवाब में एजेंसियों के वकील से सख्त सवाल पूछा। बेंच ने राजू से यह पूछा कि उनके पास के कविता की अपराध में शामिल होने को लेकर क्या ठोस और विश्वसनीय सामग्री है। कोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि उन्हें यह साबित करने के लिए क्या सबूत हैं कि के कविता इस घोटाले में शामिल थीं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox