कमलजीत सहरावत का पहला लोकसभा भाषण: जनसमस्याओं की अनदेखी

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कमलजीत सहरावत का पहला लोकसभा भाषण: जनसमस्याओं की अनदेखी

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/ – पश्चिमी दिल्ली से नव-निर्वाचित सांसद कमलजीत सहरावत ने अपने पहले लोकसभा भाषण में जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोदी जी की वजह से ही वह सांसद बन पाई हैं। साथ ही, उन्होंने ‘विकसित भारत की नींव रखेगा मोदी 3.0 का पहला बजट’ का नारा देते हुए मोदी सरकार 3.0 को ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को देश की आधी आबादी, खासकर माताओं और बहनों को सशक्त करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, कमलजीत ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कमियों को गिनाया और मोदी सरकार द्वारा दिल्ली के लिए किए गए कार्यों की सराहना की।

लेकिन, उनके इस भाषण में पश्चिमी दिल्ली की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की कमी स्पष्ट रूप से नजर आई। उन्होंने बढ़ते अपराध, एमसीडी और डीएम ऑफिस में हो रहे भ्रष्टाचार, और पश्चिमी दिल्ली के लोगों की नारकीय जीवन की स्थितियों पर कोई चर्चा नहीं की।

बढ़ते अपराध पर मौन

पश्चिमी दिल्ली में बढ़ते अपराध की घटनाएं आए दिन सुर्खियों में रहती हैं। हत्या, लूटपाट, और अन्य अपराधों में निरंतर वृद्धि हो रही है। लेकिन, कमलजीत सहरावत ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को अपने भाषण में अनदेखा कर दिया। जनता को उम्मीद थी कि वह इस गंभीर समस्या पर आवाज उठाएंगी और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग करेंगी।

एमसीडी और डीएम ऑफिस में भ्रष्टाचार

पश्चिमी दिल्ली के एमसीडी और डीएम ऑफिस में हो रहे भ्रष्टाचार के कारण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आम जनता के कार्य बिना रिश्वत दिए पूरे नहीं होते और अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। इस मुद्दे पर भी कमलजीत सहरावत ने कोई टिप्पणी नहीं की, जो कि निराशाजनक है।

जनता की नारकीय जीवन स्थितियां

पश्चिमी दिल्ली के कई इलाके बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। साफ पानी, सड़कों की खराब हालत और कूड़ा प्रबंधन जैसी समस्याएं यहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को नारकीय बना रही हैं। इन समस्याओं पर ध्यान न देना यह दर्शाता है कि जनता की वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

कमलजीत सहरावत का पहला लोकसभा भाषण उनके समर्थकों के लिए एक गर्व का पल था, लेकिन इसमें पश्चिमी दिल्ली की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की कमी ने कई लोगों को निराश किया। एक सांसद का कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को संसद में उठाए और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहे। उम्मीद है कि कमलजीत सहरावत भविष्य में इन मुद्दों पर भी ध्यान देंगी और पश्चिमी दिल्ली के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास करेंगी।

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