हेल्थ/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/ – आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग कम समय में तैयार होने वाले खाने का इस्तेमाल करने लगे हैं। वक्त की कमी के कारण लोगों के बीच फ्रोजन फूड,पैक्ड फूड और जंक फूड का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया है। लेकिन जितनी आसानी से इसे बनाया जा सकता है, उतनी ही तेजी से ये हेल्थ को नुकसान भी पहुंचाता है। ये ज्यादा खाने से न सिर्फ मोटापा बढ़ता है बल्कि हार्ट अटैक, कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों का भी खतरा तेज हो जाता है।
डायबिटीज का खतरा
जानकारी के लिए बता दे कि फ्रोजन फूड को ताजा रखने के लिए स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है। यह स्टार्च खाने का स्वाद तो बढ़ाता है लेकिन इसे पचाना बेहद मुश्किल होता है। फ्रोजन फूड्स का ज्यादा सेवन डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है, खासकर अगर उनमें ज्यादा मात्रा में शुगर, सोडियम, और अनहेल्दी फैट्स हों। साथ हीफ्रोजन फूड्स में सफेद आटा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का उपयोग किया जाता है, जो तेजी से पचते हैं और ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं। इसका लगातार सेवन इंसुलिन को बढ़ा सकता है, जो टाइप 2 डायबिटीज का मुख्य कारण है।
दिल के लिए खतरनाक
फ्रोजन और प्रोसेस्ड फूड खाने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। फ्रोजन फूड में ट्रांस फैट की मात्रा ज्यादा होती है जो धमनियों में थक्के जमने की समस्या को बढ़ाता है। ट्रांस फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा रहता है।
कैंसर का खतरा
वहीं जो लोग ज्यादा फ्रोजन फ्रूड का सेवन करते हैं, उनम्म कैंसर का खतरा काफी ज्यादा बना रहता है। कई शोधों से पता चला है कि फ्रोजन फूड खास तौर पर फ्रोजन मीट खाने से पैन्क्रियाटिक कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक, फ्रोजन मसालेदार नॉनवेज, हॉट डॉग और सॉस खाने से कैंसर का खतरा 65 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।


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