NEET सेंटर में 5 राज्यों के कैंडिडेट, सबकी भाषा गुजराती, CBI ने कोर्ट में कहा- चीटिंग के लिए बनाया सिस्टम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

NEET सेंटर में 5 राज्यों के कैंडिडेट, सबकी भाषा गुजराती, CBI ने कोर्ट में कहा- चीटिंग के लिए बनाया सिस्टम

-सुप्रीम कोर्ट ने 1563 अभ्यर्थियों को दोबारा से परीक्षा देने का दिया आदेश

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- नीट यूजी रिजल्ट को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने 1563 अभ्यर्थियों को दोबारा से परीक्षा देने का आदेश दिया है। वहीं परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के कई सवाल हैं, जिनका जवाब एनटीए के पास नहीं है।
नीट यूजी 2024 रिजल्ट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है, जिसके तहत 1563 अभ्यर्थियों को फिर से परीक्षा देनी है. ये सभी वही कैंडिडेट्स हैं, जिन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। अगर ये अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, तो इनके ग्रेस मार्क्स को घटाकर स्कोरकार्ड जारी किया जाएगा। आइए जानते हैं कि इन अभ्यर्थियों ने किन केंद्रों पर परीक्षा दी थी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 5 मई को नीट यूजी परीक्षा का आयोजन किया गया था। एग्जाम देश भर के 571 शहरों और देश के बाहर 14 शहरों में निर्धारित केंद्रों पर हुआ था। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि नीट यूजी का पेपर लीक हुआ था। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर भी गड़बड़ी हुई थी। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा रद्द कर दोबारा से नीट यूजी एग्जाम के आयोजन की मांग कर रहे हैं।

1563 कैंडिडेट किन केंद्रों से?
नीट यूजी परीक्षा के लिए देश भर में निर्धारित किए गए केंद्रों में से केवल 6 केंद्रों छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा व बलौदा, गुजरात के सूरत, चंडीगढ़, मेघालय और हरियाणा के झज्जर के एक-एक केंद्र पर इन 1563 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिन्हें एनटीए ने ग्रेस मार्क्स थे।

गुजरात सेंटर को ही क्यों चुना?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभ्यर्थियों का कहना है कि ओडिशा, कर्नाटक और झारखंड के कैंडिडेट्स ने गुजरात के गोधरा का निश्चिच एग्जाम सेंटर को ही क्यों चुना। एनटीए की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया। एग्जाम में शामिल कैंडिडेट्स दोबारा से परीक्षा की मांग रहे हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।

कम हो जाएगी सफल कैंडिडेट्स की संख्या
इस साल कुल 23 लाख 33 हजार 297 अभ्यर्थियों ने नीट यूजी की परीक्षा दी थी, जिनमें से 13 लाख 16 हजार 268 सफल हुए हैं। अब इन अभ्यर्थियों में से 790 कम हो जाएंगे। ग्रेस मार्क्स मिलने के कारण 1563 में से 790 सफल हो गए थे। वहीं ग्रेस मार्क्स हटने के बाद रैंक 1 वाले अभ्यर्थियों की संख्या 67 से 61 हो गई है। वहीं जिनके 718 और 719 नंबर आए थे। वह भी टाॅप 100 की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox