डूबते पाकिस्तानी सिनेमा को बचाने के लिए इंडियन फिल्मों से बैन हटाना जरूरी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

डूबते पाकिस्तानी सिनेमा को बचाने के लिए इंडियन फिल्मों से बैन हटाना जरूरी

-पाकिस्तान में इंडियन फिल्मे रिलीज होंगी तो ही पाकिस्तान सिनेमा करेगा ग्रोथ -एक्टर फैसल कुरैशी बोले- बैन हटाने से इंडस्ट्री को 600 से 700 करोड़ तक का होगा फायदा

इस्लामाबाद/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/ – इस समय पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है। एक तरह से पाकिस्तान दिवालियां होने की कगार पर पंहुच चुका है। लेकिन इसी बीच पाकिस्तानी सिनेमा को बचाने स्वयं अब पाकिस्तानी एक्टर्स आगे आ रहे है। और उनका मानना है कि पाकिस्तानी सिनेमा को बचाने के लिए पाकिस्तान को इंडियन फिल्मों से बैन हटाना जरूरी है।

बता दें कि 2019 से पाकिस्तान में इंडियन फिल्म की स्क्रीनिंग पर पूरी तरह से बैन लग गया है। हालांकि, इसके बाद भी वहां के दर्शकों की पहली पसंद भारतीय फिल्में ही हैं। कई अवसर पर पाकिस्तानी एक्टर्स भी इस बात का सपोर्ट करते नजर आए हैं। हाल में पाकिस्तानी एक्टर फैसल कुरैशी का कहना है कि उनके मुल्क में भारतीय फिल्में जरूर रिलीज होनी चाहिए। इससे मात्र ही वहां की इंडस्ट्री में ग्रोथ देखने को मिलेगा। बैन हटाने से इंडस्ट्री को 600 से 700 करोड़ तक का फायदा भी होगा।

सरकार को भारत के साथ रिश्ता सुधारना चाहिए
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, फैसल कुरैशी ने कहा वो सच्चे देशभक्त हैं, लेकिन अगर पाकिस्तानी सिनेमा चलाना है, तो भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहने में वो बहुत स्वार्थी हो रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तानी दर्शक भारतीय फिल्में ही देखना चाहते हैं। सरकार उन पर अपनी मनमर्जी नहीं थोप सकती और उन्हें भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए काम करना चाहिए।

बैन से पहले दर्शक सिर्फ भारतीय फिल्में देखने ही थिएटर जाते थे
उन्होंने आगे खुलासा किया कि बैन से पहले पाकिस्तानी फिल्में और टीवी शोज ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाए जा रहे थे, जबकि लोग केवल भारतीय फिल्में देखने के लिए सिनेमाघरों में जाते थे। इससे देश के रेवेन्यू को बहुत फायदा हुआ था। फैसल का कहना है कि पाकिस्तान सरकार को भारतीय फिल्मों पर से प्रतिबंध हटाने की जरूरत है क्योंकि यह हमारे रेवेन्यू को बढ़ने से रोक रहा है।

बता दें, पुलवामा अटैक के बाद पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लग गया था। पाकिस्तान का 50 फीसदी रेवेन्यू भारतीय फिल्मों से आता था, लेकिन बैन लगने के बाद इंडस्ट्री को नुकसान उठाना पड़ा।

एक्टर, प्रोड्यूसर और टेलीविजन होस्ट हैं फैसल
फैसल कुरैशी को ’टोबा टेक सिंह’, ’इश्क इबादत’, ’बाबा जानी’ जैसे पाकिस्तानी टेलीविजन शो में उनके काम के लिए जाना जाता है। वो 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट का हिस्सा रह चुके हैं।

वो एक एक्टर होने के साथ प्रोड्यूसर और टेलीविजन होस्ट भी हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox