अखिलेश यादव ने यूपी में गरीबों को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट पर कसा तंज

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August 24, 2026

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अखिलेश यादव ने यूपी में गरीबों को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट पर कसा तंज

-यूपी में 5 करोड़ लोगों के गरीबी रेखा से बाहर आने को लेकर नीति आयोग ने किये थे आंकड़ें जारी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- उत्तर प्रदेश में गरीबी रेखा में रह रहे परिवारों को लेकर सोमवार को नीति आयोग की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश में पहले के मुकाबले गरीबी में कमी आने का दावा करते हुए नीति आयोग ने यूपी में 5 करोड़ लोगों के गरीबी रेखा से बाहर आने की रिपोर्ट जारी की है। उत्तर प्रदेश पर जारी नीति आयोग की इस रिपोर्ट पर यूपी के पूर्व सीएम एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नीति आयोग का खुद का कोई आंकड़ा नहीं है सरकार बदलते ही आंकड़ों में हेरफेर होने लगता है।
                  सोमवार को नीति आयोग ने उत्तर प्रदेश को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें 3 करोड़ 42 लाख 72484 लोग बहुस्तरीय गरीबी के बाहर आ गए हैं। इसके चलते 2015-16 के मुकाबले 2019-21 में कुल गरीबों की संख्या 37.66 से घटकर 22.93 हो गई है। वहीं, गरीबों की संख्या घटने के मामले में यूपी सभी राज्यों में अव्वल रहा है। वही बुंदेलखंड में 73.44 फीसदी लोग गरीबी रेखा के बाहर आ गए।

बुंदेलखंड में जब रोजगार नही तो कैसे घट गई गरीबी
अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड के विकास को लेकर सरकार पर तमाम सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का युवा नौजवान वर्ग रोजगार के लिए भटक रहा है। किसान अन्ना पशु से परेशान है। सरकार ने किसानों की आय को दुगुना करने की बात कही थी लेकिन क्या हकीकत में बुंदेलखंड के किसानों को फसल को दुगुना दाम मिल पा रहा है। ठीक, वैसे ही बीजेपी सरकार ने नीति आयोग के आंकड़ों में फेरबदल किया है। सरकार तो ळक्च् के आंकड़े भी झूठ बताती हैं। सरकार तो कहती हैं कि 100 में से सिर्फ 4 युवा बेरोजगार हैं। जब यूपी के मुख्यमंत्री सदन में कहते हैं कि बेरोजगारी है तो नीति आयोग के आंकड़ों में विश्वास कैसे करें।

रिपोर्ट के मुताबिक बुंदेलखंड में 7 जिलों में घट गई गरीबी
7 जिलों से मिलकर बनने वाला बुंदेलखंड बीजेपी सरकार में संवर रहा है ऐसा नीति आयोग के आंकड़े बताते हैं। झांसी में अब केवल 15.14 लोग ही गरीब बचे हैं। पिछले साल की तुलना में 5 फीसदी गिरावट दर्ज की गई हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बुंदेलखंड में 73.42 फीसदी लोग गरीबी रेखा के बाहर आ गए हैं। गरीबी सूचकांक की रिपोर्ट के मुताबिक झांसी प्रदेश के 65 जिलों में से 63वें, ललितपुर 61वें, वांदा 60वें, जालौन 57वें, महोबा 49वें, हमीरपुर 40 वें और चित्रकूट 11वें स्थान पर है।

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