नेपाल की नागरिक बनकर भारत में रह रही थी चीनी जासूस, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नेपाल की नागरिक बनकर भारत में रह रही थी चीनी जासूस, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

-पकड़ी गई तो बोली- चीन मुझे मारना चाहता है, काई रूओ को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया गया गिरफ्तार

नई दिल्ली/- भारत विरोधी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल एक 50 वर्षीय चीनी महिला को पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में गिरफ्तार किया है। वह चीन की जासूस के रूप में नेपाल की नागरिक बन भारत में पिछले करीब तीन साल से रह रही थी। गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, काई रूओ नाम की महिला 2019 से ’बौद्ध भिक्षु’ बनकर भारत में रह रही थी। पुलिस को उस पर चीनी जासूस होने का संदेह है।
            दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया गया कि “काई रूओ नाम की एक चीनी महिला को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से डोलमा लामा के नाम का एक नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र बरामद हुआ है। हालांकि, यह पाया गया कि वह चीनी नागरिक है। उसने 2019 में चीनी पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए भारत की यात्रा की थी।“ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने चीनी महिला काई रूओ के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के चलते पीएस स्पेशल सेल में धारा 120 बी के साथ 419/420/467/474 आईपीसी और 14 फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।  

ऐसे किया पुलिस को गुमराह
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि काई रूओ एक “अच्छी तरह से प्रशिक्षित और शातिर महिला है।“ महिला ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने कहा है कि चीनी कम्युनिस्ट नेता उसे मारना चाहते थे और इसलिए, वह भारत भाग आई। वह भारत में “नेपाली नागरिक डोला लामा“ बनकर रह रही थी। महिला ने पहले दावा किया कि वह नेपाल के काठमांडू की निवासी है। उसने एक “नेपाली पहचान पत्र“ भी पेश किया। हालांकि वह पुलिस से फर्राटेदार अंग्रेजी में तो बात कर रही थी लेकिन उसे नेपाली भाषा नहीं आती थी। कहा जा रहा है कि यहीं से पुलिस को शक हुआ और जांच के बाद पूरा मामला सामने आया है।
            पुलिस को यह भी पता चला कि वह फर्राटेदार चीनी भाषा बोलती है। बाद में, क्रॉस-चेकिंग और सत्यापन पर, पुलिस को पता चला कि उसके नाम से एक चीनी पासपोर्ट जारी हुआ था, और वह उसी पासपोर्ट के आधार पर भारत में रह रही थी। 2019 में, उसने भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल में रानीगंज सीमा क्षेत्र के माध्यम से नेपाल में प्रवेश किया। बाद में, नेपाली नागरिकता आईडी हासिल करने के बाद उसने भारत में प्रवेश किया। भारतीय अधिकारियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वह चीन के हैनान प्रांत की निवासी है। वह कथित तौर पर पूरे देश में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही थी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox