WWC 2022 : बजरंग पूनिया ने सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता ब्रॉन्ज मेडल

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WWC 2022 : बजरंग पूनिया ने सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता ब्रॉन्ज मेडल

सोनीपत / – देश के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने एक बार फिर सीनियर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। ता दें कि कुश्ती चैंपियनशिप में बजरंग पूनिया घायल हो गए थे, लेकिन घायल की अवस्था में उन्होंने ब्रांज मेडल जीता है। पूनिया ने बाउट में प्यूर्टो रिको के सेबेस्टियन सी रिवेरा को हराकर पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में ब्रांज मेडल पर कब्जा किया।

बजरंग पुनिया की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है. 2013 से लेकर 2022 तक बजरंग पूनिया ने जितनी बार भी वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है, वो बिना मेडल जीते देश नहीं लौटे हैं. बजरंग पूनिया के देश लौटने पर परिवार उनका बड़ी धूमधाम से स्वागत करेगा ।

आपको बता दें कि बजरंग पूनिया ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2022 में ब्रांज मेडल पर कब्जा कर लिया है। हालांकि कुश्ती के समय पूनिया के सिर पर काफी चोटे आई थी, लेकिन उन्होंने यह कुश्ती लड़ी और जीतकर ब्रांज मेडल पर कब्जा किया है। पूनिया ने रिवेरा को 11-9 से हराया है। वहीं पूनिया ने मैच की शुरुआती चरण में 0-6 से पिछड़ते हुए थे। लेकिन फिर उन्होंने 11 अंक हासिल करते हुए मैच में वापसी की और अपने प्रतिद्वंद्वी को केवल तीन और स्कोर करने दिया।

उन्होंने विक्ट्री बाय सुपीरियरिटी (वीएसयू) के आधार पर क्वार्टर फाइनल में यूएसए के जॉन माइकल डायकोमिहालिस से 10-0 से हारने के बाद पदक की दौड़ में वापसी की। बता दें कि 2013 में कांस्य के साथ पूनिया की चैंपियनशिप की दुनिया में यह पांच पदक है। उन्होंने 2018 चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था और इसके बाद 2019 में एक और ब्रांज पदक जीता। अब, उनके पास चार चैंपियनशिप पदक हैं।

बजरंग पूनिया की इस जीत पर उसके पिता बलवान सिंह पूनिया, मां ओमप्यारी और बड़े भाई हरेंद्र पूनिया ने खुशी जाहिर की. पिता ने कहा कि बजरंग अपने खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन रात मेहनत करता है और चोट के बावजूद बजरंग ने अच्छा प्रदर्शन किया है. उसने देश के लिए मेडल जीता. बजरंग ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया है. देश का कोई भी पहलवान सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप कुश्ती (Senior World Wrestling Championship) में अभी तक 4 मेडल नहीं जीत पाया है.बजरंग पहला ऐसा पहलवान है जिसने ऐसा कारनामा कर दिखाया है. बजरंग के बड़े भाई हरेंद्र पूनिया ने कहा कि जब बजरंग को चोट लगी तो उन्होंने उसे कहा था कि वह आगे ना खेलें चोट गंभीर हो सकती है, लेकिन उसने अपनी चोट की परवाह ना करते हुए देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा (Bajrang Punia won bronze in wrestling) किया है. यह हमारे लिए गर्व की बात है।

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