ईरान में हिजाब से आजादी के लिए सड़कों पर मुस्लिम महिलाए

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ईरान में हिजाब से आजादी के लिए सड़कों पर मुस्लिम महिलाए

-नकाब उतार कर खुले बालों के साथ वीडियों बना जता रही विरोध, पुरूष ईरान में कानून के खिलाफ कर रहे अपना विरोध व्यक्त

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/तेहरान/मानसी शर्मा/– इस्लामिक देश ईरान में हिजाब का जबरदस्त विरोध हो रहा है। ईरानी महिलाएं हिजाब के विरोध में सड़कों पर हैं। यही नहीं, वे पब्लिक में अपना नकाब हटाकर उसका वीडियो भी बना रही हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक ये महिलाएं हिजाब हटाने के वीडियो पोस्ट कर इस्लामिक रिपब्लिक के सख्त हिजाब नियमों का विरोध कर रही हैं।
                  ईरानी कानून के मुताबिक महिलाओं को सार्वजनिक तौर अपने बाल ढंकना अनिवार्य है। वैसे तो हिजाब को लेकर यहां अक्सर प्रदर्शन होते रहते हैं लेकिन मंगलवार को बड़ी संख्या में ईरानी महिलाओं ने देश भर में हिजाब विरोधी अभियान में भाग लिया। ईरान के अधिकारियों ने 12 जुलाई (मंगलवार) को ‘हिजाब एवं शुद्धता दिवस’ के रूप में घोषित किया था। इसी के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतरीं।
               सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में महिलाओं के अलावा पुरुष भी ईरान के कानून के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त कर रहे हैं। कुछ वीडियो में महिलाओं को स्कार्फ और शॉल को सड़कों पर फेंकते हुए देखा जा सकता है। महिलाएं बिना हिजाब के पब्लिक ट्रांसपोर्ट और दुकानों में दिखाई दे रही हैं। वे खुले बालों में पब्लिक में घूम रही हैं।
                ईरान की सरकार ने हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए देश के सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए हैं। सेना महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य बनाने के सख्त प्रयास कर रही है। हालांकि इस सबके बावजूद महिलाओं के विरोध प्रदर्शन का स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिजाब का विरोध किया तो सरकार ने उसे काउंटर करने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया। इस दौरान ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ’हिजाब और शुद्धता’ समारोह का एक वीडियो प्रसारित किया। इसमें 13 महिलाओं को हरे रंग के हिजाब और लंबे सफेद वस्त्र पहने हुए दिखाया गया था। वे महिलाएं कुरान की आयतें पढ़कर नृत्य कर रही थीं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो का जमकर मजाक उड़ाया गया।

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अनिवार्य हुआ था हिजाब
न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल कैंपेन फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान ने 11 जुलाई को कहा था कि “12 जुलाई को देश में संभावित हिंसा हो सकती है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।“ जिसके बाद एक समाचार एजेंसी ने बताया कि 11 जुलाई को ही कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद 9 वर्ष से अधिक उम्र की ईरानी महिलाओं और लड़कियों के लिए सार्वजनिक रूप से हिजाब अनिवार्य है। कई ईरानी महिलाओं ने वर्षों से शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है और सरकारी आदेश के खिलाफ अपने मन के कपड़े पहनने पर जोर दिया है।
                ईरान में हिजाब पहनने से इनकार करने पर महिलाओं को जेल या फिर भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। 2019 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, तेहरान में रेव्यूलेशनरी कोर्ट के अध्यक्ष, मौसा गजनफराबादी ने चेतावनी दी थी कि कोई भी महिला जो अपना हिजाब हटाने का वीडियो शेयर करती है, उसे दस साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा।

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