फ्लोर टेस्ट में पास हुई शिंदे सरकार, पक्ष में पड़े 164 वोट, 99 ने किया विरोध

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

फ्लोर टेस्ट में पास हुई शिंदे सरकार, पक्ष में पड़े 164 वोट, 99 ने किया विरोध

-21 विधायक रहे नदारद, बच्चों को याद कर भावुक हुए सीएम

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महाराष्ट्र/शिव कुमार यादव/- महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को फ्लोर टेस्ट के वक्त जैसी उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। शिंदे सरकार ने विश्वास मत जीत लिया। सरकार को 164 विधायकों का समर्थन मिला। विपक्ष में 99 वोट पड़े। इस तरह शिंदे सरकार बच गई। वोटिंग के वक्त 266 विधायक सदन में मौजूद थे। इनमें से तीन विधायकों ने वोट नहीं डाला। 21 विधायक सदन से गैरहाजिर रहे। उधर, एनसीपी नेता अजीत पवार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं।
               शिंदे ने विधानसभा में कहा- “हम शिवसैनिक हैं और हम हमेशा बालासाहेब और आनंद दिघे के शिवसैनिक रहेंगे। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि वहां कौन था और किसने बालासाहेब के मतदान पर छह साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया। शुरुआत में मुझे एमवीए सरकार में मुख्यमंत्री बनाया जाना था, लेकिन बाद में अजीत पवार या किसी ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए। मुझे कोई समस्या नहीं थी और मैंने उद्धव से कहा कि आगे बढ़ो, और मैं उसके साथ था। मैंने उस पोस्ट पर कभी नजर नहीं डाली।
               इस पर सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा- बाला साहेब ठाकरे का सपना पूरा हुआ। शिंदे ने यह भी बताया कि विधान परिषद चुनाव के दिन उनके साथ बदसलूकी हुई थी। उद्धव ने भी पूछा था कि कहां जा रहे हो, कब तक लौटोगे।
               शिंदे अपने दो मृत बच्चों का जिक्र करके भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मेरे पिता जीवित हैं, मेरी मां की मृत्यु हो गई। मैं अपने माता-पिता को ज्यादा समय नहीं दे सका। जब मैं आता तो वे सो जाते और जब मैं सो जाता तो वो काम पर चले जाते। मैं ज्यादा समय नहीं दे पाता था। मेरे दो बच्चों की मृत्यु हो गई- उस समय, आनंद दीघे ने मुझे सांत्वना दी। मैं सोचता था, जीने के लिए क्या है? मैं अपने परिवार के साथ रहूंगा।
               विधानसभा में मौजूदा विधायकों की संख्या 288 है। एक सीट खाली है। यह संख्या 287 बचती है। 21 विधायक गैरहाजिर रहे। इस तरह 266 विधायक सदन में मौजूद थे। एसपी के दो एमएलए समेत 3 विधायक तटस्थ रहे। 263 ने वोटिंग की तो शिंदे सरकार के पक्ष में 164 और विपक्ष में 99 वोट पड़े।

वो 21 विधायक जो सदन से गैरहाजिर रहे….
2 विधायक अनिल देशमुख और नवाब मलिक जेल में हैं। 9 कांग्रेस के विधायक थे। इनमें अशोक चव्हाण, प्रणति शिंदे, जितेश अंतापुरकर, विजय वडेट्टीवार, जीशांत सिद्दीकी, धीरज देशमुख, कुणाल पाटिल, राजू अवलेमोहन हंबरडे, शिरीष चौधरी शामिल हैं। एनसीपी के संग्राम जगताप के अलावा 9 और विधायक सदन से बाहर रहे, जिनके नाम का पता नहीं चल पाया है।

एनसीपी नेता अजीत पवार बने विपक्ष के नेता
महाराष्ट्र विधानसभा में आज एनसीपी नेता अजीत पवार नेता प्रतिपक्ष बना दिए गए। एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने उनके नाम का प्रस्ताव किया, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।
                 महाराष्ट्र में शिंदे गुट ने भले ही फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल की है। फिर भी उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट की राहत पर टिकी है। अगर गुट के 16 बागी अयोग्य घोषित हुए तो सरकार का तख्ता पलट सकता है।

पवार बोले- 6 महीने में गिर जाएगी शिंदे सरकार
महाराष्ट्र में 14 दिन से जारी सियासी घमासान के बीच छब्च् चीफ शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। मुंबई में छब्च् विधायकों की मीटिंग में पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। 6 महीने में ही गिर जाएगी। मिड टर्म इलेक्शन की तैयारी सभी लोग कर लें।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox