खाने के तेल की कीमतों को कम करने के लिए जमाखोरों के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

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August 25, 2026

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खाने के तेल की कीमतों को कम करने के लिए जमाखोरों के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

– 6 राज्यों को छोड़कर पूरे देश में स्टॉक लिमिट तय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- केंद्र सरकार की तरफ से गुरुवार को जारी हुए एक आदेश में 6 राज्यों को छोड़कर पूरे देश में खाने के तेल और खाद्य तिलहन की स्टॉक लिमिट तय कर दी गई है। सरकार ने यह कदम देश में हर साल कुछ महीनों के दौरान तेल की कीमतों के आसमान छूने को लेकर उठाया है ताकि जमाखोरो पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता को परेशानी ना हो। सरकार के आदेश के मुताबिक, स्टॉक पर लगाई गई यह सीमा 30 जून, 2022 तक जारी रहेगी।
                खाने के तेल की कीमतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार की तरफ से गुरुवार को जारी हुए एक आदेश में 6 राज्यों को छोड़कर पूरे देश में खाने के तेल और खाद्य तिलहन की स्टॉक लिमिट तय कर दी गई है। सरकार के आदेश के मुताबिक, स्टॉक पर लगाई गई यह सीमा 30 जून, 2022 तक जारी रहेगी। पिछले साल खाद्य तेल और तिलहन के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थीं इससे आम लोगों पर काफी असर पड़ा था। बढ़ते दाम से राहत देने के लिए केंद्र सरकार पिछले साल से ही इस तरह के कदम उठा रही है।
                केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और 30 जून, 2022 तक मान्य रहेगा. खुदरा व्यापारी 30 क्विंटल खाद्य तेल और 100 क्विंटल खाद्य तिलहन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकते। वहीं थोक विक्रेताओं के लिए खाद्य तेल की 500 क्विंटल और खाद्य तिलहन की 2000 क्विंटल स्टॉक लिमिट तय की गई हैं रिटेल चेन अपनी दुकानों में 30 क्विंटल और डिपो में 1000 क्विंटल तक खाद्य तेल स्टॉक कर सकते हैं।
                   कुछ राज्यों को विशेष छूट दी गई है यानी यहां पर स्टॉक सीमा से अधिक भंडार किया जा सकता है. हालांकि उन्हें राज्य सरकार के द्वारा तय स्टॉक सीमा का पालन करना होगा। छूट वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और बिहार शामिल हैं। इसके अलावा ऐसे निर्यातक, रिफाइनर, मिलर, एक्सट्रैक्टर, थोक व्यापारी और डीलर जिनके पास इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोड संख्या है, उन्हें भी छूट दी गई है. हालांकि उन्हें साबित करना होगा कि स्टॉक निर्यात के लिए है या आयात से प्राप्त हुआ है।
                  पिछले साल देश में खाद्य तेल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ था। सबसे अधिक दाम सरसों तेल का बढ़ा। इसके बाद सरकार ने सरसों तेल में ब्लेंडिंग पर रोक लगा दी। इस वजह से कीमतों में और बढ़ोतरी हुई. हालांकि बढ़ी हुई कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने बीते कुछ महीनों में कई कदम उठाए हैं, जिसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है। दाम में फिर से इजाफा न हो, इसी को लेकर सरकार ने स्टॉक लिमिट एक बार फिर तय कर दी है।

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