बसपा यूपी में फिर ब्राम्हण कार्ड खेलने की तैयारी में, बसपा को उम्मीद ब्राहम्ण ही लगायेंगे नैया पार

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बसपा यूपी में फिर ब्राम्हण कार्ड खेलने की तैयारी में, बसपा को उम्मीद ब्राहम्ण ही लगायेंगे नैया पार

-अयोध्या में बोले सतीश मिश्रा, ’भगवान राम सबके हैं बीजेपी धर्म की राजनीति करती है’ -उत्तर प्रदेश में जोरों पर ’ब्राम्हण राजनीति’, बीएसपी और बीजेपी ने बताया अपना

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/अयोध्या/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- यूपी की सत्ता को लेकर अब राजनीतिक पार्टियों में धमासान मच गई हैं। सभी पार्टियां सत्ता की चॉबी अपने हाथ में रखने के लिए नये-नये शगुफे छोड़ रहे है तो कुछ पार्टियां जातिगत राजनीति को साधने के लिए नये-नये प्रयोग भी कर रही है। इसी कड़ी में बसपा एक बार फिर यूपी में ब्राहम्ण राजनीति का कार्ड खेलने जा रही है जिसकी शुरूआत बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने अयोध्या में हनुमान गढ़ी व रामलला के दर्शन कर शुरू कर दी है। इस मौके पर उन्होने कहा कि भगवान राम सबके है बीजेपी धर्म की राजनीति करती है। बसपा को लग रहा है कि यूपी में ब्राहम्ण ही उसकी नैया पार लगायेंगे जिसके लिए वह ब्राहम्ण सम्मेलन का आयोजन कर रहे है। हालांकि ब्राहम्ण सम्मेलन को लेकर भाजपा व बसपा में अभी से तलवारें खिचनी शुरू हो गई हैं।
                      बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने रामलला का दर्शन करने के बाद साफ कर दिया कि, बसपा 2022 में यूपी विधान सभा चुनाव में किसी पार्टी से नहीं बल्कि जनता और सर्वसमाज से गठबंधन करेगी। बसपा के अयोध्या में पहली बार इस तरह के कार्यक्रम को लेकर भी उन्होंने दो टूक कहा कि, जो धर्म की राजनीति करते हैं, उनकी सोच होती है कि वह कौन सा कार्यक्रम करें, कौन सा नहीं. हम भगवान राम पर, शिव पर, कृष्ण पर सब पर आस्था रखते हैं। हम ब्राह्मण समाज से हैं, हम सब पर आस्था रखते हैं। अगर भाजपा कहती है कि, राम उनके हैं तो यह उनकी संकीर्ण सोच है। भगवान श्री राम सबके हैं, जितना उनके है उससे अधिक हमारे हैं. हम रोज सुबह भगवान राम की पूजा करते हैं, अफसोस होता है जब लोग भगवान श्री राम को राजनीति में लाते हैं। वहीं खुशी दुबे की पैरवी करने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि, खुशी दुबे के साथ गलत हुआ एक दिन की ब्याहता है हर संभव मदद करेंगे। अयोध्या में बीएसपी ने ब्राह्म्ण सम्मेलन से अपनी आगामी रणनीति का आगाज कर दिया है। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने एक बार सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लिया है। वहीं बातचीत में बीएसपी के राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बीजेपी को डर सता रहा है कि ब्राह्मण बीएसपी के साथ चला जाएगा तभी तो वह इस पर सवाल खड़े कर रही है। 2007 वाला सोशल इंजीनिरिंग का फॉर्मूला 2022 के चुनाव में भी देखने को मिलेगा।
                       यूपी के बस्ती से सांसद व बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हरीश द्विवेदी ने आज से शुरू हो रहे बसपा के ब्राम्हण सम्मेलन पर बयान दिया है. हरीश द्विवेदी ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल से सपा और बसपा कहां थे? ब्राम्हण राष्ट्रवादी सोच का होता है और आज वो बीजेपी के साथ है।
हरीश द्विवेदी ने कहा कि ब्राम्हणों ने सपा और बसपा दोनों का समय देखा है। अब बीजेपी का भी वक़्त देखा है। वहीं खुशी दुबे के केस पर उन्होंने कहा कि खुशी दुबे का केस न्यायालय में है और न्यायालय इस तरह के मामलों में फैसला करता है। बसपा के केस लड़ने से बीजेपी को कोई दिक्कत नही है। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समेत सभी जातियों का बीजेपी ने पूरा खयाल रखा है। सभी के लिए विकास किया है और सभी आज बीजेपी के साथ हैं।
                         वहीं दूसरी ओर जगदंबिका पाल ने कहा कि बसपा ने पहले भी ब्राम्हणों को साथ लाने के लिए कई प्रयत्न किए लेकिन बाद में ब्राम्हणों ने बसपा को देखा. आज ब्राम्हण बीजेपी के साथ है. संसद में सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष हंगामा छोड़ने को राजी नहीं है. जिस भी मुद्दे पर विपक्ष चर्चा चाहता हो सरकार तैयार है लेकिन विपक्ष शान्ति से सदन में आए।

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