पीएम-डीएम बैठक पर भड़की ममता, कहा- बैठक में कठपुतली बनकर रह गये सीएम

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पीएम-डीएम बैठक पर भड़की ममता, कहा- बैठक में कठपुतली बनकर रह गये सीएम

-कहा-अगर हमे बोलने ही नही देना था तो बैठक का क्या औचित्य

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पश्चिमी बंगाल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में कोरोना वायरस के हालातों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 10 राज्यों के 54 जिलाधिकारियों के साथ आज एक अहम बैठक की। बैठक में पश्चिमी बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी ने भी भाग लिया। लेकिन बैठक के बाद ममता बैनर्जी ने पीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि बैठक में हमे बोलने ही नही दिया गया जिसकारण बैठक में सीएम कठपुतली बनकर रह गये। उन्होने कहा कि जब बैठक में हमारे विचार ही नही सुने गये तो ऐसी बैठक का क्या औचित्य।
                    बैठक के बाद मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों को कठपुतली बनाकर बिठाया गया मगर किसी को कुछ भी बोलने का अवसर नहीं दिया गया। कुछ भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों को बोलने दिया गया। हमें बोलने का एक चांस भी नहीं दिया गया। इससे चर्चा के दौरान हम अपमानित महसूस कर  रहे थे।
                   यहां बता दें कि 10 राज्यों के जिलाधिकारियों के साथ पीएम मोदी की बैठक में कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों के साथ ममता बनर्जी भी शामिल हुई थीं। ममता बनर्जी ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्रियों को बैठक में इन्वाइट करने के बाद भी उन्होंने न तो हमसे बातचीत की और न ही हमें बोलने दिया। उन्होंने आगे कहा कि कुछ भाजपा के मुख्यमंत्रियों को बोलने दिया गया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक छोटा सा भाषण दिया और बैठक समाप्त हो गई। यह एक तरह की कैजुएल मीटिंग थी। उन्होंने कहा कि हमें अपमानित किए गया। पीएम मोदी ने ऑक्सीजन या रेमडेसिविर की समस्या को लेकर कुछ भी नहीं पूछा। पीएम ने ब्लैक फंगस के बारे में भी हमसे कुछ नहीं पूछा। ममता ने आगे कहा कि हम बैठक में बंगाल में वैक्सीन की किल्लत का मुद्दा उठाना चाहते थे और अधिक वैक्सीन की सप्लाई की मांग करना चाहते थे। मगर हमें बोलने ही नहीं दिया गया। ममता बनर्जी ने इस बात के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना के ताजा मामलों में गिरावट आई है। ममता ने कहा कि पीएम ने दावा किया कि कोरोना वायरस कम हो रहा है। यह दावा पहले भी किया गया था, जिससे मामलों में और इजाफा हुआ। पीएम मोदी इतने असुरक्षित हैं कि उन्होंने हमारी बात भी नहीं सुनी।
                 वहीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि टीकाकरण की रणनीति को लेकर केंद्र सरकार, राज्यों से मिले सभी सुझावों को आगे बढ़ा रही है और इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को अगले 15 दिनों की, टीकों की खुराक की सूचना उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में टीकों की आपूर्ति आसान होगी और इससे टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया को भी आसान बनाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के जिला अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। ज्ञात हो कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों में कोविड-19 मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।    
                  अधिकारियों से संवाद के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली महामारियां हों या कोरोना वायरस से पैदा हुई ताजा स्थिति, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है। उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ाई के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर नवोन्मेष बहुत जरूरी है। ये वायरस अपना स्वरूप बदलने में माहिर है। या कहें कि यह बहुरूपिया तो है ही, धूर्त भी है। इसलिए इससे निपटने के हमारे तरीके और हमारी रणनीति भी विशेष होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि टीकाकरण की रणनीति में भी हर स्तर पर राज्यों और अनेक पक्षों से मिलने वाले सुझावों को शामिल करके आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ समय से देश में विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत मरीजों की संख्या कम होने लगी है लेकिन जब तक ये संक्रमण छोटे स्तर पर भी मौजूद है, तब तक चुनौती बनी रहती है। पीएम मोदी ने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच वायरस के स्वरूपों की वजह से अब युवाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिंता जताई जा रही है।

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