पाकिस्तान में हिंदू मंदिर में तोडे जाने पर भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया

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March 10, 2026

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पाकिस्तान में हिंदू मंदिर में तोडे जाने पर भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देश-विदेश/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान में हिंदू मंदिर की तोड़फोड़ की घटना पर राजनयिक के माध्यम से औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने अपने विरोध में पाकिस्तान सरकार को अलपसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर असफल बताया है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को सौ लोगों से अधिक की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी। घटना करक जिले के टेरी गांव की है, जहां स्थानीय मौलवियों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर को नष्ट कर दिया। अब इस मामले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों के नेतृत्व वाली भीड़ ने मंदिर के विस्तार कार्य का विरोध किया और मंदिर के पुराने ढांचे के साथ साथ नए निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया। इस घटना की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। इस वीडियो क्लिप में हिंसक भीड़ को मंदिर की दीवारें और छत को नष्ट करते देखा जा सकता है। पाकिस्तान और दुनिया के बाकी हिस्सों में रहने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ इस कदम की निंदा की है।

30 लोगों को गिरफ्तार किया
स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रांतीय पुलिस प्रमुख केपीके सनाउल्लाह अब्बासी ने कहा कि प्राथमिकी में 350 से अधिक लोगों का नामजद किया गया है। अब्बासी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी में आतंकवाद से संबंधित कानून की सभी धाराओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रांत में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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