38 साल पुराने रिश्ते पर संकट: गोविंदा और सुनीता आहूजा का तलाक पहुंचा कोर्ट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

38 साल पुराने रिश्ते पर संकट: गोविंदा और सुनीता आहूजा का तलाक पहुंचा कोर्ट

अनीशा चौहान/-  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और हीरो नंबर वन के नाम से पहचान बनाने वाले गोविंदा का 38 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब टूटने की कगार पर है। उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की है। इस याचिका में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13(1)(i), (ia), और (ib) के तहत व्यभिचार, क्रूरता और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुनीता का कहना है कि दशकों पुराने रिश्ते को खत्म करने के लिए ये वजहें काफी हैं। इस खबर ने फैंस को झटका दिया है, क्योंकि गोविंदा और सुनीता की जोड़ी को अब तक बॉलीवुड की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिना जाता था।

कोर्ट में गोविंदा की गैरहाजिरी
मामले की सुनवाई के दौरान गोविंदा का रवैया भी चर्चा में है। कोर्ट ने उन्हें 25 मई 2025 को समन भेजा था, लेकिन अब तक उन्होंने किसी भी सुनवाई में हिस्सा नहीं लिया। उनकी अनुपस्थिति से नाराज होकर कोर्ट ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर, सुनीता जून 2025 से लगातार हर सुनवाई में मौजूद रहकर अपनी याचिका पर डटी हुई हैं। सोशल मीडिया पर इस तलाक को लेकर बहस छिड़ गई है—कई लोग सुनीता के साहस की सराहना कर रहे हैं तो कुछ गोविंदा की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।

नेटवर्थ और भरण-पोषण का सवाल
तलाक के बाद सबसे बड़ा सवाल है—भरण-पोषण की राशि का। रिपोर्ट्स के अनुसार गोविंदा की कुल संपत्ति लगभग 150-170 करोड़ रुपये के बीच है। उनके पास जूहु का जल दर्शन बंगला (16 करोड़ रुपये से अधिक) और मुंबई, कोलकाता, रायगढ़, लखनऊ में कई प्रॉपर्टीज हैं। कानूनी जानकारों का अनुमान है कि तलाक की स्थिति में गोविंदा को 35-40 करोड़ रुपये तक देने पड़ सकते हैं, जो उनकी कुल आय का करीब 25% होगा।

क्या सचमुच टूटेगा यह रिश्ता?
तलाक की प्रक्रिया में अस्थायी और स्थायी भरण-पोषण दोनों तय किए जाएंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या गोविंदा कोर्ट में आकर इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगे, या उनकी चुप्पी इस रिश्ते की कहानी को हमेशा के लिए खत्म कर देगी? सुनीता के आरोप—व्यभिचार, क्रूरता और परित्याग—ने इस केस को और भी संवेदनशील और भावनात्मक बना दिया है।

फैंस के लिए यह सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और रिश्तों की जटिलताओं से जुड़ी एक दर्दनाक कहानी है। अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले और गोविंदा के अगले कदम पर टिकी हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox