10 साल में कितनी हुई काले धन पर कार्रवाई? स्विस बैंक में बढ़ी जमा राशि पर सरकार का जवाब

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

10 साल में कितनी हुई काले धन पर कार्रवाई? स्विस बैंक में बढ़ी जमा राशि पर सरकार का जवाब

अनीशा चौहान/-   संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। ऐसे में सरकार से लगातार सवाल किए जा रहे हैं। विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामे के बीच सपा सांसद जावेद अली खान ने सरकार से कालेधन को लेकर सवाल पूछ डाले। इस पर केंद्र सरकार की ओर से वित्त राज्यमंत्री ने लिखित में जवाब दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले दस सालों में कितने काले धन की वसूली हुई है। सरकार ने बताया कि पिछले 10 साल में 338 करोड़ कालेधन वसूले गए हैं।

सपा सांसद जावेद अली खान की ओर से राज्यसभा में काले धन से जुड़े सवाल पूछे गए, क्या स्विस नेशनल के मुताबिक, 2014 में स्विस बैंकों में जमा भारतीय धन 3 गुना से अधिक बढ़कर 3.5 बिलियन स्विस फ्रैंक यानी करीब 37,600 करोड़ रुपए हो गया है। जो 2021 के बाद का उच्चतम स्तर है। साथ ही यह भी पूछा गया कि 2022, 2023, 2024 और 2025 के दौरान अब तक विदेशी खातों से वापस लाए गए काले धन का साल के हिसाब से ब्यौरा क्या है?

सरकार ने दिया जवाब
इस पर सरकार ने बताया कि स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों पर आधारित कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जिक्र किया गया है कि स्विस बैंकों में भारतीय द्वारा जमा की गई धनराशि 2024 में पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्विस अधिकारियों के अनुसार, एसएनबी के आंकड़ों में अन्य बातों के साथ-साथ, ग्राहकों की जमा राशि अन्य देनदारियों के साथ-साथ बैंकों को देय राशि भी शामिल है। स्विस अधिकारियों ने बताया है कि एसएनबी के सालाना बैंकिंग आंकड़ों का उपयोग स्विट्जरलैंड में भारतीय नागरिकों की जमा राशि के विश्लेषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार की तरफ से आगे कहा गया कि स्विट्जरलैंड 2018 से ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफार्मेशन फ्रेमवर्क के तहत भारतीय लोगों के बारे में सालाना वित्तीय जानकारी उपलब्ध करा रहा है। भारतीय अधिकारियों को पहला डेटा ट्रांसमिशन सितंबर 2019 में हुआ था। इसके अलावा भारत 100 से ज्यादा विदेशी क्षेत्राधिकारों से विदेशी संपत्तियों और आय के बारे में जानकारी हासिल करता है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox