10 मिनट की देरी और बच गई जान, शहर में ट्रैफिक के कारण हो गई थी लेट

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10 मिनट की देरी और बच गई जान, शहर में ट्रैफिक के कारण हो गई थी लेट

-अहमदाबाद में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान से जाना था लंदन

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- एक कहावत है कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। यह कहावत उस समय चरित्रार्थ हो गई जब एक लड़की की जान सिर्फ 10 मिनट की देरी से बच गई। भूमि चौहान नाम की लड़की को अहमदाबाद में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान से लंदन जाना था लेकिन शहर में ट्रैफिक जाम के कारण वह लेट हो गई और उसकी फ्लाइट छूट गई हालांकि भूमि चौहान ने फ्लाइट पकड़ने के लिए चेक-इन गेट पर अधिकारियों से बड़ी मिन्नते की लेकिन फिर दुःखी मन से वापस लौट गई। लेकिन जब उसे पता चला कि जिस फ्लाइट में वह लंदन जा रही थी वह क्रैश हो गई है और उसमें सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई है तो उसने भगवान का धन्यवाद किया। लेकिन भूमि चौहान की किस्मत ने उनका साथ दिया। वह महज 10 मिनट की देरी की वजह से इस फ्लाइट को मिस कर गईं, और यही देरी उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा ’वरदान’ बन गई।

इस संबंध में भूमि चौहान ने बताया, “ मैं लंदन में रहने वाले अपने पति के पास जा रही थीं, गुरुवार सुबह सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए निकली थीं। लेकिन अहमदाबाद शहर की भारी ट्रैफिक ने उनका रास्ता रोक लिया। मैं चेक-इन गेट पर 10 मिनट देरी से पहुंची थी, लेकिन उन्होंने मुझे जाने नहीं दिया, जिसके कारण मुझे वापस लौटना पड़ा। शहर में ट्रैफिक के कारण हमें देरी हुई थी। जब मुझे पता चला कि फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, तो मैं पूरी तरह से स्तब्ध रह गई। मैं अपनी देवी मां का शुक्रिया अदा करती हूं कि मैं बच गई।“

उड़ान भरने के कुछ मिनट बद ही विमान हो गया क्रैश
फ्लाइट एआइ्-171 ने दोपहर 1ः38 बजे उड़ान भरी, और कुछ ही मिनटों बाद, लगभग 1ः50 बजे, यह बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा गिरी, जहां उस समय 100 से ज्यादा छात्र लंच कर रहे थे। विमान के पूर्ण ईंधन टैंक के कारण हादसे के बाद भीषण आग लग गई, और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इस हादसे में पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपानी सहित कई लोगों की जान चली गई। केवल एक यात्री, सीट 11ए पर बैठा ब्रिटिश मूल का व्यक्ति विश्वातस कुमार रमेश, इस हादसे में जीवित बचा, जो अब अस्पताल में इलाजरत है।

लेकिन 625 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद इसका सिग्नल गायब हो गया। पायलट ने टेकऑफ के तुरंत बाद ’मेडे’ कॉल (आपातकालीन सिग्नल) जारी किया, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। विमान मेघनी नगर के पास बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा गिरा, जहां कई युवा डॉक्टर लंच कर रहे थे। इस हादसे में न केवल विमान में सवार लोग मारे गए, बल्कि जमीन पर भी कई लोगों की जान गई।

पीएम मोदी ने हादसे की जगह का किया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को हादसे की जगह का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। जांच के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (क्ळब्।) और बोइंग की तकनीकी टीमें काम कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में संभवतः इंजन की खराबी या अन्य तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन सटीक कारण का पता ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही चलेगा।

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