
मानसी शर्मा /- हरियाणा में कांग्रेस हार गई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने संगठन में खलबली मचा दी है। प्रदेश नेतृत्व से जुड़े नेता एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। इस बीच, खबर है कि हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने को लेकर हाईकमान से अनुरोध किया है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस नेताओं में घमासान देखने को मिल रहा है। कई उम्मीदवारों ने गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकमान से भी संकेत मिल रहे थे कि हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया और प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान की छुट्टी हो सकती है। कांग्रेस अब राज्य में रणनीति बदलेगी और विधानसभा में गैर जाट विधायक को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है। फिलहाल, विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन का दौर चल रहा है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से हार को लेकर जवाब मांगा है।
बाबरिया ने क्या कहा?
बाबरिया ने कहा कि पिछले सप्ताह हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद उन्होंने हाईकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन इस मामले में उन्हें कोई निर्णय नहीं बताया गया।बाबरिया ने कहा कि पिछले सप्ताह नतीजों के बाद मैंने इस्तीफा देने की पेशकश की थी। मैंने हाईकमान को कहा था कि आप मेरी जगह किसी और को ला सकते हैं। मेरी तबीयत ठीक नहीं है और नतीजों के बाद यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। इसे ध्यान में रखते हुए मैंने हाईकमान से कहा था कि अगर आप ठीक समझें तो मेरी जगह किसी और को ला सकते हैं। लोकसभा चुनावों के बाद भी मैंने दिल्ली के प्रभारी पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी तरह, हरियाणा के लिए भी कोई निर्णय नहीं लिया गया, लेकिन इस्तीफा देने की पेशकश करना मेरी जिम्मेदारी थी।
हरियाणा में कांग्रेस को मिली थी हार
कांग्रेस हाईकमान ने पिछले गुरुवार को हरियाणा विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार पर समीक्षा बैठक की और एक तथ्य-खोजी टीम बनाने का फैसला किया। बैठक के दौरान नेताओं ने हरियाणा में अप्रत्याशित नतीजों के संभावित कारणों पर चर्चा की और ऐसे नतीजों के पीछे के कारणों का पता लगाने तथा पार्टी उम्मीदवारों द्वारा लगाए गए ईवीएम में विसंगतियों की शिकायतों की जांच करने के लिए एक टीम गठित करने का फैसला किया। बता दें, समीक्षा बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, चुनाव के लिए एआईसीसी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत और अजय माकन के साथ-साथ राज्य के एआईसीसी सचिवों ने भाग लिया। हरियाणा के एआईसीसी प्रभारी बाबरिया बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।





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