नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/अनीशा चौहान/- दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एटीएस) टीम ने दो उभरते अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर अवैध गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। इन आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की एक अत्याधुनिक पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
मामले का विवरण
इस संबंध में जानकारी देते हुए द्वारका डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि आरोपी ईशू लाकड़ा, जो पहले भी एक आर्म्स एक्ट मामले में शामिल था, नजफगढ़ के स्थानीय गैंगस्टरों से प्रभावित था और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना शुरू कर चुका था। वह अपने दोस्तों को अवैध हथियार दिखाता था और सोशल मीडिया पर हथियार के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करता था। इसके अलावा, उसने व्हाट्सएप की डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) पर भी हथियार दिखाने वाली तस्वीरें लगाई थी, ताकि वह अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर अपने प्रभाव को बढ़ा सके।
टीम और संचालन
द्वारका जिले के डीसीपी श्री अंकित सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में एटीएस की टीम को अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी करने वाले नवोदित अपराधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया था। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई धनंजय, एसआई टोपेश, एचसी धर्मेंद्र, एचसी राकेश, एचसी सोमदेव, सीटी शिशपाल और डब्ल्यू/सीटी पूजा शामिल थे।
टीम ने गुप्त सूचना प्राप्त करने के लिए मुखबिरों को तैनात किया और सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सएप पर पोस्ट की गई तस्वीरों की छानबीन शुरू की। इसके बाद, 12 नवंबर 2024 को टीम को सूचना मिली कि आरोपी ईशू लाकड़ा नंगली सकरावती में अपने दोस्त से मिलने आ रहा है और उसके पास अवैध हथियार हो सकते हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी
टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नंगली सकरावती में जाल बिछाया और आरोपी ईशू लाकड़ा को 10 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, उसकी निशानदेही पर उसके घर से .32 बोर की एक अत्याधुनिक पिस्तौल भी बरामद की गई। इसके बाद एफआईआर संख्या 487/24, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत थाना नजफगढ़ में मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ईशू लाकड़ा नजफगढ़ का रहने वाला है और उसने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई की थी। वह नजफगढ़ और आस-पास के इलाके के स्थानीय गैंगस्टरों से प्रभावित था और उनका अनुसरण करते हुए आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। उसने अपने दोस्त आकाश उर्फ कुमारी के माध्यम से विनोद, निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) से हथियार खरीदे थे।
ईशू लाकड़ा ने अपने हथियार दिखाकर अपने दोस्तों को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट की थीं। वह स्थानीय गैंगस्टरों से जुड़ने और उनके गिरोह में काम करने की योजना बना रहा था। हाल ही में उसने सागर नामक व्यक्ति को भारी मात्रा में गोला-बारूद की आपूर्ति की थी, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसके अलावा, ईशू द्वारा आपूर्ति किए गए अवैध हथियार और गोला-बारूद के स्रोत और मध्यस्थ भी फरार हैं। पुलिस ने अलीगढ़ और दिल्ली एनसीआर में छापेमारी की है और पूरी आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अगला कदम
टीम ने इस पूरे मामले में आरोपी ईशू लाकड़ा और उसके साथी सागर के अलावा उसके द्वारा आपूर्ति किए गए हथियारों के नेटवर्क का पता लगाने के लिए छानबीन शुरू कर दी है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, ताकि इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जा सके और अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।
यह कार्रवाई द्वारका जिले की एटीएस टीम की तत्परता और प्रभावी निगरानी को दर्शाती है, जो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अपराधियों पर नजर रख कर अपराधों को रोकने के प्रयास में लगी हुई है।


More Stories
दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, 300 नई पुलिस चौकियों का प्लान
बुराड़ी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला, आरोपी पिता गिरफ्तार
बहादुरगढ़ में फिटनेस का जश्न, प्रमो रन में उमड़ा जोश और उत्साह
ऋषिकेश योग महोत्सव का भव्य समापन
सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक की अहम बैठक
नैनीताल बार एसोसिएशन के नए पदाधिकारियों ने ली शपथ