सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने बढ़ाई ट्विन टावर गिराने की समय सीमा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने बढ़ाई ट्विन टावर गिराने की समय सीमा

-कोर्ट ने मानी सुपरटेक की मांग, 22 मई को गिराई जानी थी ट्विन टावर्स

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/मानसी शर्मा/- सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के लिए समय सीमा अब 28 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट का यह आदेश सुपरटेक बिल्डर द्वारा टावरों को गिराने की 22 मई की समय सीमा को आगे बढ़ाने की मांग पर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को अदालत के आदेश के अनुपालन पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अभी तक इन टावर्स को 22 मई को गिराया जाना प्रस्तावित था।
               नोएडा के सेक्टर-93ए में बनी सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी में स्थित अवैध करार दिए जा चुके इन ट्विन टावर्स को ढहाने की तैयारियों में देरी होने से डेमोलिशन का काम संभाल रही कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग ने सुप्रीम कोर्ट से समय सीमा 28 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की इस मांग को मानते हुए समय सीमा बढ़ा दी है। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण ने समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
               बता दें कि, सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट परिसर में बने ट्विन टावर को पहले 22 मई को गिराया जाना प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर बचे काम को देखते हुए यह असंभव लग रहा था। ऐसे में बिल्डर की ओर से तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी, जिस पर आज सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।
               गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 के अपने फैसले में तीन महीने के अंदर यानि 30 नवंबर तक इन टावर्स को गिराने का आदेश दिया था, जो संभव नहीं हो सका। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर ही नोएडा प्राधिकरण ने 20 फरवरी से काम शुरू करा टावर गिराए जाने के लिए 22 मई की तारीख तय की थी। इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट में भी दे दी गई थी। टावर गिराने का काम कर रही एडिफिस इंजीनियरिंग ने 22 मई को टावर गिराए जाने की बात को असंभव बताया था। इसके बाद बिल्डर ने अतिरिक्त तीन महीने का और समय लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा दी थी।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox