नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़ /नई दिल्ली/ मानसी शर्मा- देश में सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी में आने वाले कई उत्पादों पर रोक लगा दी है। प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि यह लबें समय तक पर्यावरण में रहता है और सड़ता नहीं है, जो कि माइक्रोप्लास्टिक में तब्दील हो जाता है, जिस वजह से ये मानव शरीर में खाद्य सामग्री के द्वारा चला जाता है।
शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर लगाम नहीं लगा रही है। दुकानदार और फल – सब्जी विक्रेता इसका धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। हालांकि दुकानदरों नें दुकानों से सिंगल यूज प्लास्टिक का स्टॉक हटा दिया है, वहीं बजार में कागज की थैलियां भी आ गई है, लेकिन वह प्लास्टिक की थैलियों से दो- तीन गुणा मंहगी मिल रही है ।
इसके साथ ही, 20 रुपये किलोग्राम की दर से मिलने वाली रद्दी किताब अब 35 रुपये किलोग्राम में बिक रहा है। इसके अलावा इसे चिपकाने के लिए आटा व मैदा भी महंगा है। ऐसे में कच्चे माल की कीमत के कारण ठोंगा कोलकाता से बनकर आते हैं, जिसकी कीमत साइज के अनुसार 80 से 95 रुपये प्रति किलोग्राम है।
किन चीजों पर लगा बैन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने निम्नलिखित वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है:
गुब्बारे की छड़ें (Balloon sticks )
सिगरेट पैक (Cigarette packs )
प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे सहित कटलरी आइटम
ईयरबड (Earbuds)
मीठाई के डब्बे (Sweet boxes )
कैंडी और आइसक्रीम स्टिक (Candy and ice cream sticks)
निमंत्रण कार्ड (Invitation cards )
सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (Polystyrene for decoration )
100 माइक्रोन से कम माप वाले पीवीसी बैनर (PVC banners measuring under 100 microns )


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