समाधान-केंद्रित मीडिया पर सम्मेलन आयोजित

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समाधान-केंद्रित मीडिया पर सम्मेलन आयोजित

-आध्यात्मिकता द्वारा एकता व विश्वास से विकास को गति मिलती है - अनुज दयाल -आज त्याग का स्थान तृष्णा ने, विश्वास का स्थान संदेह ने तथा एकता का स्थान अनेकता ने ले लिया है - शुक्ला दीदी

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   ब्रह्मा कुमारी संस्था के मीडिया विंग द्वारा आयोजित एक दिवसीय मीडिया सम्मेलन आज हरि नगर स्थित राजयोग मेडिटेशन सेंटर में आयोजित किया गया। विकसित भारत की ओर समाधान केंद्रित मीडिया पर अखिल भारतीय अभियान के हिस्से के रूप में आयोजित इस सम्मेलन में दो सत्र थे, जिनमें “एकता, विश्वास और विकास को बढ़ावा देना: मीडिया की भूमिका” और “आध्यात्मिकता और तनाव मुक्त जीवन पर प्रेरक वार्ता” पर चर्चा की गई । जिसमें लगभग 100 मीडिया कर्मियों एवं श्रमजीवी जर्नलिस्ट ने भाग लिया।

इस अवसर पर बधाई देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) श्री अनुज दयाल ने अपने आध्यात्मिक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास को एकता व विश्वास जैसे मूल्य गति देते हैं। अपने दिल्ली मेट्रो में प्रारंभ से अब तक की यात्रा में मीडिया ने सहयोग किया है। जो आज मेट्रो में 70 लाख लोग रोज यात्रा करते हैं और दिल्ली मेट्रो 400 किलोमीटर फैल गई है।

उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा 7 दिन के आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग कोर्स को सरलता से दिया जाता है। यह राजयोग ध्यान सदा खुश रहने के लिए सहायक है, इसलिए इस संस्था से विश्व के लाखों लोग जुड़े है और विश्व के लगभग सभी देशों में संस्था के सेवाकेंद्र हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स के पूर्व फीचर संपादक एवं एडिटर अट लार्ज डॉ पी पी वांगचुक ने कहा कि मीडिया समाज का प्रतिबिम्ब है। हम अच्छे सिद्धांतों के साथ कार्य करें जिससे हम समाज के परिवर्तन में सहयोगी बनेंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्वयं को आध्यात्मिक ऊर्जा से चार्ज कर आंतरिक प्रसन्नता एवं आनंद को बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर आर्शिवचन देते हुए दिल्ली, यूपी और हरियाणा में स्थित लगभग 150 राजयोग मेडिटेशन केंद्रों की निदेशका राजयोगिनी बीके शुक्ला ने कहा कि ब्रह्मा कुमारी संस्था की इस साल की थीम “मेडिटेशन द्वारा विश्व एकता, विश्वास विकास” ही आज के उदघाटन सत्र का मुख्य विषय है। उन्होंने कहा कि आज त्याग का स्थान तृष्णा ने, विश्वास का स्थान संदेह ने ले लिया है तो जीवन में कैसे श्रेष्ठता, शुद्धता आ सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि पवित्रता और शुद्धता को अपना कर ही स्व परिवर्तन एवं समाज परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने इसी का उदाहरण है महात्मा गांधी जी है, क्योंकि गांधीजी ने देश की आजादी के लिए पहले अपने जीवन में स्व अध्याय किया था एवं शुद्धता और पवित्रता को अपनाया था।

उन्होंने कहा आध्यात्मिकता ऐसा मनोविज्ञान है जो आंतरिक संस्कारों में परिवर्तन लाता है और जीवन में सद्गुण, पवित्रता के साथ दृढ़ता भी लाती है और दृढ़ता सफलता की चाबी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोग मेडिटेशन तथा आध्यात्मिक ज्ञान के लिए थोड़ा समय निकाले और अपना आंतरिक सशक्तिकरण करें। जिससे स्वयं की, परिवार तथा समाज की सही सेवा कर पायेंगे।अवश्य निकालें।

ब्रह्मा कुमारी संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया संयोजक बी के सुशांत ने कहा समाधान केंदित पत्रकारिता से विकसित भारत की ओर विषय पर संस्था द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय अभियान आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष से शुरू किया गया था जो कि भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी वर्षगांठ 2047 तक चालू रहेगा, जब तक देश के सभी पत्रकार आध्यात्मिकता, सकारात्मकता एवं मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता की संदेश प्राप्त न कर लें।

सायंकालीन समापन सत्र में तनाव मुक्त जीवन के लिए आध्यात्मिकता तथा राजयोग मेडिटेशन  विषय पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी के प्रियंका ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान  वैचारिक परिवर्तन लाता है, हमारे विचार सशक्त, सकारात्मक तथा श्रेष्ठ बनते हैं। उन्होंने कहा जीवन में एकता, विश्वास, धैर्यता, सहनशीलता, पवित्रता आदि गुणों से व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक सुख, शांति, समृद्धि आती है। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका अनुसूया दीदी  ने कहा कि आत्मा जो इस शरीर के द्वारा कर्म करती चाहे वो देखने, सुनने या हाथों से हो वो हमारी आत्मा में रिकॉर्ड हो जाता है। ये रिकॉर्डिंग निरंतर चलती रहती। इसलिए वर्तमान में अच्छे और श्रेष्ठ कर्म करते चलो।

सुबह के सत्र में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्मा कुमारी नीलम ने तथा सायंकालीन सत्र में ब्रह्माकुमारी विनीता बहन ने सामूहिक ध्यान का आयोजन किया, जिससे श्रोताओं को आंतरिक शांति और शक्ति का अनुभव करने में मदद मिली।

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