सन्यास आश्रम में सम्पन्न हुआ युवा संस्कार समारोह

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October 21, 2026

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सन्यास आश्रम में सम्पन्न हुआ युवा संस्कार समारोह

-बांग्लादेश में हिन्दुओं की रक्षा के लिए भारत सरकार कदम उठाए: अनिल आर्य -उपनयन संस्कार जीवन निर्माण की आधारशिला है: डॉ. आर.के. आर्य -बीड़ी-सिगरेट, अंडा मांस, शराब और गुटका से दूर रहने का संकल्प: महेन्द्र भाई

ग़ाज़ियाबाद रविवार 11अगस्त 2024,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद एवं शंभू दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में सन्यास आश्रम दयानन्द नगर गाजियाबाद में “युवा संस्कार समारोह” आयोजित किया गया I आचार्य महेन्द्र भाई ने यज्ञ करवा कर 150 युवकों को यज्ञोपवीत धारण करवाया

मुख्य अतिथि केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार बन्द होने चाहिए, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करके हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए I बांग्लादेश के हिन्दू बहुल क्षेत्र को “हिंदू राष्ट्र “घोषित किया जाना चाहिए जिस प्रकार 1947 में आबादी के आधार पर देश का बंटवारा हुआ था उसी प्रकार से हिन्दुओं को हिंदू राष्ट्र दिया जाए I साथ ही उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी सुसंस्कार वान बने इसके लिए परिषद कटिबद्ध है परिषद युवाओं को देश भक्त बनाने का अभियान तीव्र गति से चलाएं I

स्वदेशी आयुर्वेद के निदेशक डा.आरके आर्य ने राष्ट्रीय ध्वज रोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया,उन्होंने कहा कि व्यक्ति का निज जीवन समाज के लिये आदर्श होना चाहिए,आपके जीवन को देखकर ही व्यक्ति आपके अनुगामी बनेंगे।उपनयन का अर्थ है समीपता को प्राप्त करना,आचार्य की समीपता को प्राप्त करके बालक शिक्षा द्वारा अपने जीवन को समुन्नत करता है,शिक्षा व्यक्ति को काम करने में समर्थ बनाती है।उपनयन संस्कार जीवन निर्माण की आधारशिला है यज्ञोपवीत के तीन धागे स्वजीवन को समुन्नत बनाना तथा राष्ट्र के लिये भावी सन्तति समुन्नत बना कर देने के व्रत का प्रतीक हैं।

यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य महेन्द्र भाई ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुये कहा कि यज्ञ से त्याग व उपकार की भावना जागृत होती है यज्ञोपवीत हमारी पुरातन गौरवशाली संस्कृति का आधार है।समारोह में आर्य जनों ने भाग लेकर महर्षि दयानन्द के पदचिन्हों पर चलने,नशा मुक्त समाज की स्थापना करने, एवं बीड़ी -सिगरेट,अंडा मांस,शराब तथा गुटके से दूर रहने का संकल्प लिया।

 परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष
प्रवीण आर्य ने कहा कि धर्म समाज को जोड़ता है, तोड़ता नही,वैदिक धर्म सर्वे भवन्तु सुखिनः की बात करता है।पारिवारिक सद्भावना के बिना जीवन सफल नहीं हो सकता, समाज का उत्थान-राष्ट्र का उद्धार नहीं हो सकता।श्रेष्ठ संस्कारों से ही युवा पीढ़ी उत्थान के शिखर पर पहुंच सकती है।

विशेष आमंत्रित पार्षद नीरज गोयल ने कहा कि संस्कारों से ही व्यक्ति महान बनता है। विशिष्ट अतिथि चौधरी मंगल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि चरित्रवान युवक ही राष्ट्र विरोधी ताकतों का मुकाबला कर सकते हैं क्योंकि चारित्रिक बल  सबसे बड़ा बल होता है।युवकों को जीवन मे समयबद्धता,अनुशासन,माता पिता के आज्ञाकारी, आत्मविश्वासी, संकल्पवान ओर देशभक्त होना चाहिये।

आश्रम के उपाध्यक्ष स्वामी सूर्यवेश ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा की आज फिर समाज में पाखंड और अन्ध विश्वास बढ़ रहे है जिसका भोले भाले लोग शिकार हो जाते है आर्य जनो को चाहिए की वो समाज में इन बुराइयों को दूर करने के लिए मैदान में आगे आएं।उन्होंने आगे कहा की आर्य समाज का आजादी में महत्त्व पूर्ण योगदान रहा है अब आर्य जनों को राष्ट्र रक्षा के लिये तैयार रहना होगा।

गायिका विभा भारद्वाज, ओमपाल शास्त्री,मास्टर विजयेंद्र जी  द्वारा गाये गए अद्भुत भजनों ने लोगों को झूमा दिया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया  व सुन्दर व्यायाम प्रदर्शन करवाये I प्रमुख रूप से आश्रमाचार्य जितेन्द्र आर्य, कृष्ण कुमार यादव, देवेन्द्र आर्य बन्धु, राम कुमार गुप्ता,सुरेश आर्य, प्रमोद चौधरी, यज्ञ वीर चौहान, राहुल आर्य, प्रद्योत पाराशर,माता पद्मा शर्मा, भूपेन्द्र सिंह,यशपाल धामा, वेद व्यास,एनके आर्य, सुनील गर्ग, अरुण आर्य, सुभाष शर्मा,विजय कुमार, वीके धामा,आशा आर्या आदि उपस्थित थे I 

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