संपत्ति-कर मामले में 5वीं म्यूनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी की सिफारिशें एमसीडी ने की लागू

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

संपत्ति-कर मामले में 5वीं म्यूनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी की सिफारिशें एमसीडी ने की लागू

-मौजूदा यूनिट एरिया वैल्यू में कोई बदलाव नहीं, ठोस कचरे के निपटान पर संपत्ति-कर में 5 प्रतिशत की मिलेगी छूट

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति-कर मामले में 5वीं म्यूनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी (एमवीसी-1) की सिफारिशों को इसी माह 1 अप्रैल से लागू कर दिया हैं। निगम ने कहा है कि 5वीं म्यूनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी ने संपत्तियों के मूल्यांकन से संबंधित सभी शिकायतों को दूर कर जनहित में कदम उठाए हैं। साथ ही ठोस कचने के निपटान पर संपत्ति-कर में 5 प्रतिशत की छूट भी दी जायेगी।

                  गौरतलब है कि समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में यूनिट एरिया वैल्यू (यूएवी) में 37 प्रतिशत की वृद्धि की सिफारिश थी। हालांकि प्रस्तावित वृद्धि के खिलाफ उठी आपत्तियों पर विचार करने के बाद समिति ने अपनी सिफारिश पर पुनःविचार किया और बिना किसी बदलाव के एमवीसी-1 द्वारा अनुशंसित यूएवी को बनाए रखा है। समिति ने कहा की यूएवी में वृद्धि की ओर संशोधन के वैध कारण प्रतीत होते हैं, लेकिन वर्तमान आर्थिक स्थिति और वैश्विक महामारी से उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों के परिणामस्वरूप जीवन और आजीविका के नुकसान से समिति संपत्ति धारकों की आपत्तियों से सहमत है और इसलिए सिफारिश करती है कि वर्तमान परिदृश्य में यूएवी में कोई वृद्धि नहीं होनी चाहिए।

                  निगम के अनुसार एक अन्य प्रमुख शिकायत जो गैर-आवासीय संपत्तियों संबंधित थी, उस पर समिति द्वारा विचार किया गया और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए अधिभोग कारक को 2 से घटाकर 1.25 कर दिया गया है, जिससे देनदारी 75 प्रतिशत कम हो गई है। समिति ने विभिन्न संपत्ति प्रकारों में गुणक कारकों को युक्तिसंगत बनाने का भी प्रयास किया है और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए समान व्यापक सिद्धांत रखा है, जिसका कारक लगभग सभी मामलों में 4 रखा गया है, पांच सितारा होटलों के कारक को 8 किया गया है (जो पहले 10 था)। समिति ने बैंक्वेट के लिए गुणक कारक को भी 6 से घटाकर 4 कर दिया। इसके साथ ही सरकार द्वारा व गैर-लाभकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे बारात घर व सामुदायिक केंद्रों के लिए एक विशेष श्रेणी जोड़ी गई है, जिसका उपयोग कारक 2 है। निजी स्कूलों के लिए उपयोग कारक को भी 3 से घटाकर 2 कर दिया गया है। समिति ने पेइंग गेस्ट और छात्रों द्वारा उपयोग किए जाने वाले छात्रावासों के लिए भी उपयोग कारक को भी घटाकर 2 कर दिया है, यह देखते हुए कि उच्च उपयोग कारक छात्रों पर आर्थिक बोझ होगा। समिति ने वृद्धाश्रम और अनाथालय के लिए 1 के उपयोग कारक पर विचार किया है। कुल मिलाकर कॉलोनियों की मौजूदा श्रेणी को बरकरार रखा है, जहां भी आवश्यक हो कम से कम बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा समिति ने शहर में ठोस कचरे के वैज्ञानिक निपटान को प्रोत्साहित करने के लिए एक पर्यावरणीय कारक पेश किया है और ऐसी कॉलोनियों को वषर्ज़् भर 100 प्रतिशत गीले कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए 5 प्रतिशट छूट देने की घोषणा की है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox