नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कश्मीर/शिव कुमार यादव/- कश्मीर में आयोजित जी-20 बैठक ने कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्र के लिए नये द्वार खोल दिये है। इस बैठक से गांव की महिलाओं को न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है बल्कि अब कश्मीरी उत्पाद ई-कॉमर्स पर भी उपलब्ध हो रहे हैं। जी-20 के अवसर पर विदेशी प्रतिनिधियों और देश के दूसरे हिस्सों से पहुंचे लोगों को स्थानीय संस्कृति और भोजन से रू-ब-रू करवाने के लिए जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन ने बाजार लगाया और बाजरा कैफे खोला। उम्मेद की महिलाओं की तरफ से तैयार किए गए बाजरे के व्यंजनों को यहां परोसा गया। विदेशी प्रतिनिधियों ने कश्मीर में गर्मजोशी भरे आतिथ्य की प्रशंसा भी की।

उम्मेद बाजार में नारी शक्ति के उत्सव का माहौल देखा गया। इसमें हस्तशिल्प उत्पादों विलो विकर आइटम, काला जीरा, शहद, मूल्य वर्धित उत्पाद, पेपरमाची, पारंपरिक मिट्टी के बर्तन प्रदर्शित किए गए। उम्मेद बाजार में आगंतुकों ने जम्मू-कश्मीर की हस्तकला को प्रदर्शित करते उत्पादों की खरीदा। जेकेआरएलएम का मूल उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के अवसर प्रदान करने सहित उन्हें सशक्त बनाना है।

बसोहली पेंटिंग्स, आठ महिला उद्यमियों ने प्रदर्शित किए उत्पाद
बसोहली पेंटिंग्स और अन्य मनोरम वस्तुओं के अलावा विदेशी प्रतिनिधियों के लिए एक अलग से बाजरा कैफे एसकेआईसीसी में स्थापित किया गया। जेकेआरएलएम से जुड़ी आठ महिला उद्यमियों ने अपने अनूठे उत्पादों को प्रदर्शित करने जी 20 प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा। शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में भी जीवंत स्टॉल लगाए।

उम्मेद बाजार में कृषि उत्पाद जैसे केसर, लैवेंडर, मूल्य वर्धित उत्पाद साबुन, चाभरी बिन्ना, भी पेश किए गए। मिशन निदेशक इंदु कंवल चिब ने कहा कि बाजरा हब और बाजरा कैफे के माध्यम से महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर प्रदान किया गया। जी20 मंच ने इन महिलाओं को प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर बना।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के नेतृत्व में जेकेआरएलएम ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। अब उनके उत्पाद ई-कॉमर्स साइट पर भी उपलब्ध हैं और होमस्टे के माध्यम से एक नए सेवा क्षेत्र में कदम रखा।


More Stories
संघ स्थापना के 100 वर्ष पर वैचारिक महाकुंभ, देश की चुनौतियों और उपलब्धियों पर मंथन
अमित शाह की सियासी ताकत और सत्ता में भूमिका पर सियासी बहस तेज
दिल्ली हाईकोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
संस्कृत और देवनागरी के प्रचार में उत्कृष्ट योगदान पर प्रो. डॉ. मूल चन्द सम्मानित
महान गौ-भक्त और दानवीर बांके पहलवान जी ने फिर जीता लोगों का दिल
टाटा मुंबई मैराथन 2026: 35 हजार धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी