शिवपाल ने डीपी यादव के साथ मिलकर किया यदुकुल पुनर्जागरण मिशन का गठन

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September 7, 2026

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शिवपाल ने डीपी यादव के साथ मिलकर किया यदुकुल पुनर्जागरण मिशन का गठन

-अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग उठाई, क्या यदुकुल मंच से शिवपाल देंगे अखिलेश को टेंशन? -’कृष्ण’ कौन, ’कंस’ कौन? जन्माष्टमी पर चाचा-भतीजे में फिर शुरू हुआ ’महाभारत’

लखनऊ/- उत्तर प्रदेश में शिवपाल व अखिलेश की अनबन से सपा की राजनीति में एकबार फिर भूचाल आने के समीकरण तेजी से बन रहे है। यूपी की राजनीति में शिवपाल यादव अब अपने पुराने फॉर्म में आते दिख रहे हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के संस्थापक शिवपाल यादव ने गुरूवार को राजधानी लखनऊ में यादव समुदाय के लिए एक नए संगठन के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह संगठन सामाजिक न्याय के लिए लड़ेगा। शिवपाल यादव यादव ने कहा कि यदुकुल पुनर्जागरण मिशन किसी राजनीतिक दल के लिए या उसके खिलाफ नहीं था।
               शिवपाल यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा- ’हम जल्द ही राज्य और देश भर में मिशन की इकाई का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि नया संगठन जिन मुद्दों को उठाने जा रहा है उनमें जाति जनगणना और अहीर (यादव) रेजिमेंट के गठन की मांग शामिल है।’ अपनी राजनीति को एक बार फिर अपने वोट बैंक के बीच ले जाने की कोशिश में शिवपाल यादव ने यादव समाज की ओर से लगातार जारी अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग को आवाज दे दी है। यदुकुल पुनर्जागरण मिशन के तहत यादवों को एकजुट करने के लिए शिवपाल यादव व डीपी यादव एक मंच पर दिखाई दिये। इसके साथ ही उन्होंने अपनी नई राजनीतिक लाइन भी साफ कर दी है। निश्चित तौर पर यह लाइन समाजवादी पार्टी से अलग होगी। ऐसे में सपा के कोर वोट बैंक यादव$मुस्लिम से इस वर्ग को तोड़ने की कोशिश की गई है। शिवपाल यादव यदुकुल पुनर्जागरण मिशन के संरक्षक होंगे, वहीं संभल के पूर्व सांसद डीपी यादव इसके अध्यक्ष हैं जबकि लेखक विश्वात्मा मिशन के संस्थापक सदस्य हैं।
           

 बता दें कि नोएडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पिछले दिनों शिवपाल ने डीपी यादव के साथ मंच साझा किया था। इसी दौरान तय हो गया था कि प्रदेश में नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है। शिवपाल यादव यूपी चुनाव 2022 के बाद से ही प्रदेश की राजनीति में अलग-थलग कर दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने उन्हें अपनी पार्टी को मजबूत बनाने की सलाह तक दे डाली। एक समय ऐसा भी आया जब अखिलेश यादव ने उन्हें किसी भी दल में उचित सम्मान मिलने पर चले जाने की सलाह दी थी। दरअसल, शिवपाल यादव के भाजपा से नजदीकी संबंध होने की बात हर मंच पर उठ रही थी। इसके बाद अखिलेश का यह बयान आया था। अब शिवपाल यादव ने अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को फिर से स्थापित करने की कोशिश शुरू की है। इसका सीधा नुकसान अखिलेश यादव को हो सकता है। अगर यादव वोट बैंक बंटा तो इसका फायदा बीजेपी को मिल जाएगा।
              शिवपाल यादव ने यदुकुल पुनर्जागरण मिशन के तहत यादवों को एकजुट करने का संदेश दिया। उन्होंने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला। शिवपाल ने कहा कि आज अगड़े-पिछड़े सभी परेशानी में हैं। बड़े स्तर पर लड़ाई की जरूरत है। इसके लिए सबको एकजुट होना होगा। शिवपाल ने कहा कि सबके मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे। एक मंच पर यादव नेताओं का जुटान और शिवपाल एवं डीपी यादव का सामने आकर हमला कई अहम संकेत दे रहे हैं।
             शिवपाल ने कहा कि हम सबके मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे। हमारा किसी को नुकसान पहुंचाने का टारगेट नहीं है। उन्होंने यदुकुल मंच के मंत्र को भी सामने रखा। पांच मंत्र उन्होंने दिए। इसके तहत जातिगत जनगणना की मांग को जोर-शोर से उठाने का फैसला लिया गया। वहीं, यदुकुल मंच ने अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग को उठाने का फैसला लिया है। शिवपाल यादव और डीपी यादव ने बेरोजगारी के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाया। तीसरा मंत्र बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिए जाने की मांग को प्रभावी तरीके से उठाने की है।
             वहीं, यदुकुल मंच ने किसानों के बीच पैठ बढ़ाने के लिए उचित एमएसपी की मांग को भी बड़े स्तर पर उठाने का फैसला लिया है। मंच की ओर से सामाजिक न्याय की लड़ाई को अगले स्तर पर ले जाने की बात कही गई। इससे साफ हो गया कि शिवपाल खेमा परोक्ष रूप से सपा पर इन बिंदुओं पर कार्य न किए जाने की बात कर रहा है। संगठन को लेकर शिवपाल ने साफ किया कि बूथ से लेकर प्रदेश स्तर पर जल्द ही कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

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