शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे फहराकर करें प्रदर्शन- राकेश टिकैत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे फहराकर करें प्रदर्शन- राकेश टिकैत

-कोरोना काल में किसानों का बड़ा फैसला, टाला देशव्यापी प्रदर्शन
राकेश टिकैत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- किसानों ने 26 मई के देश व्यापी प्रर्दशन पर बड़ा फैसला करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने देश व्यापी प्रदर्शन को टाल दिया है। साथ ही उन्होने कहा कि अब हम 26 मई को काला दिवस मनायेंगे और जो जहां है वहीं पर काले झंडे फहराकर अपना विरोध प्रकट करेगा। किसानों ने यह फैसला देशभर में चल रही कोरोना की दूसरी लहर के चलते लिया है। किसानों का कहना है कि वह देश में कोरोना स्प्रेडर नही बनना चाहते।
                     राकेश टिकैत ने कहा कि हम काले झंडे फहराएंगे।  देश में किसी भी तरह का आंदोलन या फिर सार्वजनिक सभा का आयोजन नहीं किया जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि कोई भी किसान दिल्ली की ओर मार्च नहीं करेगा। लोग जहां भी होंगे, वहीं काले झंडे फहराएंगे। हमें आंदोलन करते हुए करीब 6 महीने गुजर चुके हैं, लेकिन सरकार ने तीनों काले कानूनों को वापस नहीं लिया है। उन्होने कहा कि किसानों की ओर से 26 मई का दिन काला दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।
                        इससे पहले रविवार को राकेश टिकैत ने कहा था किसान संगठन केंद्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके साथ ही एक बार फिर से अड़ियल रुख दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि सरकार से बातचीत तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के मुद्दे पर ही होगी। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी हुए बिना किसानों की घर वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। मोहाली में मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने यह बात कही थी। वह शहीद-ए-आजम भगत सिह के भतीजे अभय सिंह संधू की मौत पर परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। संधू की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हुई थी।
                          राकेश टिकैत ने कहा था कि सरकार जब भी चाहेगी, संयुक्त किसान मोर्चा बातचीत के लिए तैयार है। बता दें कि देश भर के 40 किसान संगठन गाजीपुर, टिकरी और सिंघू समेत दिल्ली के कई बॉर्डरों पर डटे हुए हैं। बीते साल अक्टूबर के अंत से ही राजधानी की सीमाओं पर किसानों ने डेरा डाला हुआ है। तीनों कृषि बिलों समेत कई मुद्दों पर किसानों की सरकार के साथ कई राउंड की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। बता दें कि 26 जनवरी को गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल जुटने और अपनी गिरफ्तारी की शंका के तहत राकेश टिकैत काफी भावुक हो गए थे और उन्होने किसानों से इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की थी जिसके तुरंत बाद किसान एक बार फिर आंदोलन स्थल पर लौट आये थे और एक बार फिर से आंदोलन की धार तेज हो गई थी। जिसके बाद से ही राकेश टिकैत किसान आंदोलन के मुखिया के रूप में सामने आये थे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox