विधायकों को फोन पर धमकी देने वाले हरियाणा एसटीएफ की गिरफ्त में

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August 25, 2026

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विधायकों को फोन पर धमकी देने वाले हरियाणा एसटीएफ की गिरफ्त में

-पाकिस्तानी नंबर से विधायकों को करते थे कॉल, हरियाणा एसटीएफ ने छह को दबोचा

गुरूग्राम/- हरियाणा के चार मौजूदा और पंजाब के तीन पूर्व विधायकों को जान से मारने की धमकी देने तथा रंगदारी मांगने के मामले में एसटीएफ ने अलग-अलग जगहों से 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही बदमाशों के पाकिस्तान कनेक्शन का भी पर्दाफाश किया है। आरोपियों की पहचान बेतिया (बिहार) निवासी दुलेश आलम, बस्ती(यूपी) निवासी बदरे आलम, बिहार के गोपालगंज निवासी अमित यादव उर्फ राधेश्याम, मोतीहारी निवासी सद्दीक अनवर, मुजफ्फरपुर निवासी सनोज कुमार और बेतिया निवासी कैश आलम के रूप में हुई।

एसटीएफ सभी को 8 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। एसटीएफ के आईजी (मुख्यालय) सतीश बालन और एसपी सुमित कुमार के मुताबिक, दुलेश आलम और बदरे आलम को मुंबई तथा 4 अन्य बदमाशों को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। इन्होंने सफीदों से कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली, सोनीपत से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार, सोहना से भाजपा विधायक संजय सिंह व सढौरा से कांग्रेस विधायक रेणुबाला को फोन कर रंगदारी मांगी तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा पंजाब के पूर्व विधायक कृष्णदेव भंडारी, राजकुमार भद्रा व ओपी सैनी को भी फोन कर धमकी दी व रंगदारी मांगी थी।

पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर कर रहे थे काम

बदमाशों ने लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, नीरज बवाना समेत अन्य गैंगस्टर का भी नाम लिया था, लेकिन इनमें से किसी का भी धमकी के मामले से कोई वास्ता नहीं है। आईजी सतीश बालान ने बताया कि बदमाशों ने प्रदेश के चार विधायकों को 24 से 28 जून के बीच धमकी दी थी। इसमें पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं की भूमिका भी सामने आई है, जो मध्य पूर्व देशों के नंबरों से फोन कॉल कराते थे। विधायकों को धमकी देने के लिए ये पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल नहीं करते थे।

डीजीपी ने खुद संभाल रखी थी कमान

विधायकों को धमकी देने के हाई प्रोफाइल मामले की डीजीपी पीके अग्रवाल ने खुद कमान संभाल रखी थी। उन्होंने तफ्तीश के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और महाराष्ट्र, बिहार समेत अन्य राज्यों की एसटीएफ से भी मदद मांगी। पड़ताल के दौरान फोन नंबरों की तकनीकी जांच में यह सामने आया कि ये मध्य पूर्व देशों के नंबर हैं व पाकिस्तान में बैठकर ऑपरेट किए जा रहे हैं। इसी तरीके से पंजाब के 3 पूर्व विधायकों को भी इन्हीं नंबरों से धमकी दी गई है। सभी पूर्व विधायकों से अलग-अलग भाषाओं में बातचीत की गई।

आरोपियों से बरामद सामान

एसटीएफ के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन चले ऑपरेशन के दौरान फोन नंबरों की तकनीकी जांच में 5 टीमों ने अलग-अलग कार्य किया। एसटीएफ मुख्यालय ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की, जिसके तहत बदमाशों को पैसे देने के लिए उनसे खाता संख्या और मोबाइल नंबर मांगे। इन खाता नंबरों को ट्रेस करने के लिए 2 अलग-अलग टीमों ने मुंबई व मुजफ्फरपुर में छापेमारी की। मुंबई से गिरफ्त में आए दुलेश आलम व बदरे आलम के कब्जे से 20 पासबुक, चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 14 फर्जी सिम, एक डायरी व 5 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। वहीं, बिहार से गिरफ्तार 4 अन्य आरोपियों से 2 पासबुक, चेक बुक, 2 डायरी, 1 रजिस्टर, 42 मोबाइल सिम, 19 मोबाइल फोन, 37 एटीएम कार्ड और 3.97 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

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