विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल और तमिलनाडु में मतदान का महासंग्राम             

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-लाखों मतदाता आज तय करेंगे सत्ता का भविष्य

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  देश की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, जहां पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के तहत बड़े पैमाने पर मतदान हो रहा है। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। दोनों राज्यों में मतदाताओं का उत्साह चरम पर है और मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस बार भी रिकॉर्ड मतदान की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोकतंत्र का उत्सव और भी मजबूत होता नजर आ रहा है।

तमिलनाडु: सभी सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग
तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ मतदान हो रहा है। इस बार राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला करीब 5.73 करोड़ मतदाता करेंगे। इनमें लगभग 2.80 करोड़ पुरुष और 2.93 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 75,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

अगर पिछले चुनाव की बात करें, तो वर्ष 2021 में राज्य में 73.46% मतदान दर्ज किया गया था। उस दौरान कुलिथलई सीट पर सबसे अधिक 87% वोटिंग हुई थी, जबकि विलीवक्कम सीट पर सबसे कम 56% मतदान दर्ज हुआ था। इस बार चुनाव आयोग को उम्मीद है कि यह आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।

पश्चिम बंगाल: पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। इन सीटों पर कुल 1,478 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां लगभग 3.60 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे, जिनमें 1.84 करोड़ पुरुष और 1.75 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 80,000 से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य में 83.18% मतदान हुआ था, जो देश के सबसे अधिक मतदान प्रतिशतों में से एक था। उस समय कतुलपुर सीट पर सबसे ज्यादा 91% वोटिंग हुई थी, जबकि कुलटी सीट पर सबसे कम 69% मतदान दर्ज किया गया था।

क्या इस बार टूटेंगे पुराने रिकॉर्ड?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दोनों राज्यों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती है। बढ़ती जागरूकता, बेहतर चुनावी प्रबंधन और युवाओं की भागीदारी इस बार मतदान प्रतिशत को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकती है।

आज का यह मतदान न केवल सरकार का भविष्य तय करेगा, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का भी बड़ा संकेत देगा।

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