विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा खुलासा, पीएम मोदी ने रोका दुनिया में न्युक्लियर वॉर!

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा खुलासा, पीएम मोदी ने रोका दुनिया में न्युक्लियर वॉर!

-कहा- रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने मांगी थी मदद

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में कई खुलासे किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस को यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से रोकने के लिए भारत से मदद मांगी थी। साथ ही उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि अमेरिका ने रूस को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से रोकने के लिए भारत और चीन को फोन किया था।

यूक्रेन पर परमाणु हमला करने की तैयारी में था रूस
विदेश मंत्री ने बताया कि साल 2022 में, रूस ने संभावित रूप से यूक्रेन पर परमाणु हथियार से हमला करने की तैयारी शुरू कर दी थी, जो अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद युद्ध में पहला परमाणु हमला होता। उन्होंने बताया कि बाइडेन प्रशासन चिंतित था कि रूस सामरिक या युद्धक्षेत्र परमाणु हथियार का उपयोग कर सकता है। अपनी किताब, द रिटर्न ऑफ ग्रेट पॉवर्स में, सीएनएन के जिम स्कुट्टो लिखते हैं कि अमेरिका ने रूस को इस तरह के हमले से हतोत्साहित करने के लिए गैर-सहयोगियों, विशेष रूप से चीन और भारत की मदद ली थी।

संकट को टालने में की मदद
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आउटरीच और सार्वजनिक बयानों ने संकट को टालने में मदद की। दुनिया के कई देश इससे चिंतित थे। जयशंकर ने खुलासा किया कि कुछ देशों ने हमसे संपर्क किया और हमारी मदद मांगी क्योंकि ज्यादातर लोग नरेंद्र मोदी की बातों का सम्मान करते हैं। यहां तक कि एक अमेरिकी प्रवक्ता ने भी पुष्टि की है कि संघर्ष में परमाणु हथियारों के संभावित उपयोग को रोकने के लिए कई देश एक साथ आए हैं।

सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना
जयशंकर ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में यूक्रेन में भारत के रेस्क्यू मिशन के दौरान एक बार खार्किव और दूसरा सुमी में रणनीतिक हस्तक्षेप किए। उन्होंने कहा कि 5 मार्च को, अगर मुझे सही से याद है, जब गोलाबारी चल रही थी, हमारे छात्र सुरक्षित क्षेत्र में जाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं जब हम उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान रूसी बलों के साथ गलतफहमी के बाद गोलीबारी फिर से शुरू हो गई। फिर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से बात की। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपसे गोलाबारी रोकने की अपील करता हूं।

पीएम मोदी ने पुतिन और जेलेंस्की से की बात
इसके बाद पीएम मोदी ने दूसरा रणनीतिक हस्तक्षेप तीन दिन बाद 8 मार्च को किया। खार्किव के उत्तर में सुमी की स्थिति और भी कठिन थी। हमने छात्रों को निकालने के लिए एक बस भेजी और जैसे ही वे बस में चढ़ने लगे, गोलीबारी फिर से शुरू हो गई। जाहिर है, छात्र वास्तव में डर गए और अपने छात्रावासों में वापस चले गए। वे डरे हुए थे और उनका आत्मविश्वास कम था इसलिए, हमने दो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा, जो उनका आत्मविश्वास वापस पाने में मदद करने के लिए नई दिल्ली से सुमी पहुंचे। हम इस बात की गारंटी चाहते थे कि पूरी सड़क पर कोई गोलाबारी नहीं होगी।
         इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की दोनों से बात की। उन्होंने उनसे एक सुरक्षित मार्ग पर सहमत होने का अनुरोध किया, जिसमें भारतीय छात्रों पर कोई गोलीबारी नहीं होगी और बाद में हमने इसका पालन किया। मैं इन दोनों हस्तक्षेपों का गवाह था।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox