मानसी शर्मा /- दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट (SIIM) के पूर्व प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन पर 17 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद से ही वह फरार चल रहे हैं।
पुराना विवाद फिर चर्चा में
यह पहली बार नहीं है जब चैतन्यानंद पर ऐसे आरोप लगे हों। साल 2016 में भी एक 21 वर्षीय छात्रा ने उनके खिलाफ छेड़खानी और यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि वह उसे बार-बार अकेले बुलाते थे, ‘स्वीट गर्ल’ और ‘बेबी’ कहकर संबोधित करते थे और अनुचित व्यवहार करते थे।
एक रात तो उन्होंने छात्रा के कमरे में जबरन घुसकर गले लगाने की कोशिश की। डर के कारण छात्रा शोर मचाने लगी और अगले ही दिन पिता के साथ हॉस्टल छोड़कर चली गई। हालांकि, इसके बाद उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रहीं। इस घटना पर आईपीसी की धारा 354 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था।
नए मामले में 17 छात्राओं के बयान
सितंबर 2025 में चैतन्यानंद पर फिर से गंभीर आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस ने नई FIR दर्ज की है, जिसमें 17 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न, धमकी और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, चैतन्यानंद छात्राओं को अलग से बुलाकर अनुचित बातें करता था और मानसिक दबाव डालता था।
आश्रम और संस्थान पर छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, चैतन्यानंद का जाल ओडिशा से लेकर दिल्ली तक फैला था। आश्रम और संस्थानों में तथाकथित ‘आध्यात्मिक सत्र’ आयोजित किए जाते थे, लेकिन इनके पीछे शोषण का खेल चलता था। पुलिस की छापेमारी में कई पुराने दस्तावेज और रिकॉर्ड बरामद हुए हैं।
गौरतलब है कि 2009 से ही उन पर केस दर्ज होते रहे हैं, लेकिन हर बार वह कानून के शिकंजे से बच निकलते रहे। अब एक बार फिर आरोपों के चलते पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।


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