वक्फ संशोधन बिल पर केंद्रीय मंत्री ने की मुफ्ती की तारीफ, बोले- ‘इस सच्चे मुस्लिम की आवाज सुनिए…’

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वक्फ संशोधन बिल पर केंद्रीय मंत्री ने की मुफ्ती की तारीफ, बोले- ‘इस सच्चे मुस्लिम की आवाज सुनिए…’

मानसी शर्मा /-  वक्फ संशोधन विधेयक-2024 पर देश में सियासत तेज हो गई है। मुस्लिम संगठन खुलकर इस विधेयक का विरोध कर रहे है। तो वहीं विपक्ष ने भी सरकार के इस विधेयक पर सवाल उठाए है। विधेयक के खिलाफ देशभर में क्यूआर कोड अभियान चलाया जा रहा है।

इस विरोध-प्रदर्शन के बीच मुफ्ती शमून कासमी ने इस विधेयक पर खुलकर अपनी बात सामने रखी है। वहीं, अब केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं केंद्रीय वक्फ परिषद के अध्यक्ष किरेन रिजिजू ने मुफ्ती शमून कासमी की तारीफ की।

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

किरेन रिजिजू ने कहा, ‘इस सच्चे मुस्लिम की आवाज सुनिए। मुफ्ती शमून कासमी भारत में वक्फ संपत्तियों के बारे में वास्तविक जमीनी स्थिति के आधार पर सच बोल रहे हैं।’

मुसलमानों की स्थिति पर बोले मुफ्ती शमून कासमी

मुफ्ती शमून कासमी उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के चेयरमैन हैं। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक-2024  के इस विधेयक पर खुलकर अपनी बात कही है। उन्होंने कहा कि आज देश में वक्फ संपत्ति पर बहस चल रही है। जिस समुदाय के पास साढ़े नौ लाख संपत्तियां हैं। आज वह 70 साल के अंदर दयनीय स्थिति में हो। यह किसी वजह से है। यह इन दलालों की वजह से है। कांग्रेस ने अपने 60 साल के कार्यकाल में तमाम संपत्तियों को बर्बाद किया। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और पूरा बोर्ड लूट के खाता था।

कांग्रेस के कार्यकाल की जांच हो

मुफ्ती ने आगे कहा कि कब्रिस्तानों और ईदगाहों में पौधारोपहण से मुसलमानों की आमदनी भी बढ़ेगी और पर्यावरण भी अच्छा होगा। मुसलमानों की आमदनी से स्कूल और कॉलेज व अस्पताल बनते। क्यों नहीं बनाए, क्योंकि इन्हें वोट बैंक बनाए रखना था और वक्फ संपत्तियों को बर्बाद करना था। अगर 60 साल में कांग्रेस के दौरान के वक्फ बोर्ड और चेयरमैन की जांच हो जाए तो वो जेल में जाएंगे। इनसे रिकवरी होनी चाहिए। यह पैसा गरीब मुसलमानों, यातीमों और लावारिसों का था… इसलिए वापस लेना चाहिए।

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