लगातार असफलताओं के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, ऋषिना बनीं फ्लाइंग ऑफिसर

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April 19, 2026

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लगातार असफलताओं के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, ऋषिना बनीं फ्लाइंग ऑफिसर

-ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों में प्रेरणा बनी ऋषिना

राजस्थान/सिमरन मोरया/-  राजस्थान के बारां जिले की बेटी ऋषिना शर्मा ने 9बार असफल होने के बाद भी अपने सपने को पूरा कर दिखाया। उन्होंने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर (इंटेलिजेंस) के पद पर चयन हासिल किया है, जिससे बारां जिले में पहली बार किसी महिला ने यह उपलब्धि हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर यह खबर पूरे जिले और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

कौन हैं ऋषिना शर्मा?
ऋषिना शर्मा मूल रूप से बारां जिले के अंता तहसील के अलीपुरा गांव की रहने वाली हैं। बचपन से ही उनका सपना वायुसेना में शामिल होने का था। गणतंत्र दिवस की परेड देखकर उन्होंने सैन्य सेवा में जाने का संकल्प लिया था। ऋषिना ने बताया कि उन्होंने इस लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास किए। वे सरकारी सेवा में कार्यरत रहते हुए भी वायुसेना की भर्ती परीक्षा की तैयारी करती रहीं। 9बार परीक्षा में असफल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 10वें प्रयास में सफलता प्राप्त की।

07 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर (इंटेलिजेंस) के पद पर कमीशन मिला। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे बारां जिले के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि जिले से पहली महिला फ्लाइंग ऑफिसर बनी हैं। उनके माता-पिता भी सरकारी सेवा में हैं, जिन्होंने उनकी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग किया।

ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों में प्रेरणा बनी ऋषिना
ऋषिना की इस सफलता से ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों में प्रेरणा का संचार हुआ है। स्थानीय लोग और प्रशासन ने उन्हें बधाई दी है। ऋषिना ने कहा ‘असफलताएं मुझे मजबूत बनाती गईं। मेहनत और लगन से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।’ उनकी कहानी महिलाओं के सशक्तिकरण और दृढ़ संकल्प का जीता-जागता उदाहरण है। वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ ऋषिना जैसे युवा अधिकारी भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं।

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