नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- भारतीय रेलवे अपनी ट्रेन कंट्रोल सिस्टम को बेहतर बनाने जा रहा है। यह सिस्टम 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। यह रेलवे नेटवर्क दुनिया में चौथे नंबर पर है। अब इसे आधुनिक बनाया जाएगा। इससे कामकाज और सुरक्षा बेहतर होगी।
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार रेलवे बोर्ड एक नया प्लान बना रहा है। इससे संचालन और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। इससे दुर्घटनाएं कम होंगी। ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। कामकाज में तेजी आएगी। चूंकि आजकल रेलवे ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए यह जरूरी है।
इन रूट पर होगा फोकस
एक बड़े अधिकारी ने बताया कि फ्रेट इंटेंसिव कॉरिडॉर्स, हाई स्पीड और मिक्स्ड ट्रैफिक रूट पर खास ध्यान दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड जापान, रूस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और स्पेन के रेलवे सिस्टम से सीखेगा। लेकिन, वहां के सिस्टम को सीधे-सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। क्योंकि, भारत में रेलवे का काम बहुत ही अलग है। अधिकारी ने कहा कि कोई भी सॉल्यूशन भारत के हिसाब से ही बनाना होगा।
क्या होगा नए सिस्टम में?
नए सिस्टम में एक इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर होगा। इसमें ट्रेन संचालन से जुड़े सभी विभाग और ब्रांच एक साथ काम करेंगे। बेहतर टेक्नोलॉजी से ट्रेन की आवाजाही, रूट प्लानिंग और आपात स्थिति के दौरान बेहतर ढंग से मैनेज किया जाएगा।
अभी ज्यादातर काम मैन्युअली होता है। इससे ट्रेन कंट्रोल रूम पर बहुत दबाव रहता है। वे बढ़ते ट्रैफिक को संभाल नहीं पा रहे हैं। अब टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उनका काम आसान हो जाएगा।
क्यों पड़ी जरूरत?
हाल ही में कुछ ट्रेन एक्सीडेंट हुए थे। इससे पता चला कि ट्रेन कंट्रोल सिस्टम में कुछ कमियां हैं। इसलिए, सुधार करना बहुत जरूरी हो गया था। रेलवे बोर्ड ने एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में सुधार के लिए सुझाव देगी।


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