यूपी में श्री केदारनाथ मंदिर के नकल का मंदिर बनाने का संतों ने किया विरोध

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

यूपी में श्री केदारनाथ मंदिर के नकल का मंदिर बनाने का संतों ने किया विरोध

-यूपी के इटावा में श्री केदारनाथ धाम की प्रतिकृति के मंदिर का हो रहा निर्माण -बीकेटीसी ले रही कानूनी मशविरा, सरकार ने भी लिया संज्ञान

इटावा/यूपी/शिव कुमार यादव/- उत्तर प्रदेश के सैफई जिला इटावा में बन रहे श्री केदारनाथ धाम के प्रतिकृति मंदिर का श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) ने विरोध किया है। के साथ-साथ अब संतों ने भी इसका विरोध कर दिया है। वहीं सरकार भी इस मामले पर संज्ञान ले रही है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी इस मामले पर कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। उन्होने कहा है कि ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम का पौराणिक तथा धार्मिक महत्व है। वेद पुराणों में वर्णित है कि श्री केदारनाथ धाम हिमालय क्षेत्र में स्थित है, अतः श्री केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति का मंदिर अन्यत्र नही बनना चाहिए। यह धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि इस बावत विधिक राय के बाद आगे समुचित कदम उठाये जायेंगे। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार भी इस संबंध में अपने स्तर से कार्य कर रही है। पिछले वर्ष दिल्ली में प्रस्तावित श्री केदारनाथ मंदिर निर्माण तथा केदारनाथ ट्रस्ट दिल्ली पर प्रदेश सरकार ने रोक लगवायी थी। इस संबंध में कानून बनाने हेतू प्रदेश कैबिनेट में पहले ही प्रस्ताव हुआ कि चारधाम के नाम का दुरूपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होने कहा कि इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के विषय में बीकेटीसी उचित कदम उठायेगी। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों समाजवादी पार्टी के नेता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशियल मीडिया में सैफई इटावा में बन रहे केदारनाथ धाम की प्रतिकृति मंदिर का एक वीडियो पोस्ट किया जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों में भी आक्रोश है। तीर्थनगरी से भी संतों ने विरोध करना शुरू दिया है. इस क्रम में ब्रह्मपुरी स्थित श्रीराम तपस्थली के महाराजश्री द्वाराचार्य पूज्य श्रीमद् जगद्गुरु श्री स्वामी योगानन्दाचार्य स्वामी दयाराम देवाचार्य जी महाराज ने इसका सख्त विरोध किया है।

उन्होंने कहा, यह हमारे पौराणिक 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। इसकी नक़ल करना गलत है, इसकी नकल का मंदिर बनाना ठीक नहीं है। आप किसी भी मंदिर को बना सकते हैं लेकिन चार धाम के मंदिरों की प्रतिकृति नही बना सकते। अखिल भारतीय सीताम परिवार, विरक्त वैष्णव मंडल, 13 अखाड़े, अखाड़ा परिषद इसका विरोध करता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox