यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पुतिन को दिया वार्ता प्रस्ताव

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यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पुतिन को दिया वार्ता प्रस्ताव

-बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने के दिये संकेत
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/काठमांडो/शिव कुमार यादव/- अमेरिका की चेतावनी की बावजूद म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में पंहुचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी हमले की बढ़ती आशंकाओं के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बैठक करके समस्याओं के समाधान की पेशकश कर दी है। वहीं जेलेंस्की ने निराशा व्यक्त की कि वैश्विक सुरक्षा ढांचा तबाह हो चुका है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, जर्मनी और तुर्की से यूक्रेन की रक्षा की गारंटी देने का आग्रह किया।
               जेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, नहीं जानता कि रूस के राष्ट्रपति क्या चाहते हैं। इसलिए, उन्हें मुलाकात का प्रस्ताव देता हूं। पहली बार राष्ट्रपति पुतिन को मुलाकात के लिए आमंत्रित करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस वार्ता के लिए स्थान समय तय कर ले। शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत जरूरी है। यूक्रेन कूटनीति के रास्ते पर चलता रहेगा।
              बाइडन ने शनिवार को चेताया था कि पुतिन हमले का फैसला कर चुके हैं और यूक्रेन की राजधानी कीव हमले का पहला निशाना होगी। अमेरिकी चेतावनी के बाद भी कीव छोड़कर सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने म्यूनिख पहुंचे जेलेंस्की ने निराशा व्यक्त की कि वैश्विक सुरक्षा ढांचा तबाह हो चुका है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, जर्मनी और तुर्की से यूक्रेन की रक्षा की गारंटी देने का आग्रह किया। जेलेंस्की ने कहा, आखिर किस बात का इंतजार किया जा रहा है। युद्ध के बाद जब यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा हो जाएगा और अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी, तब रूस पर प्रतिबंध लगाने से क्या हासिल होगा। कोई भी कार्रवाई करने का सही वक्त यही है।
              जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन नाटो का हिस्सा बनना चाहता है। लेकिन, नाटो को पूरी ईमानदारी से बताना होगा कि क्या वे वाकई यूक्रेन को शामिल करना चाहते हैं। क्योंकि, नाटो यूक्रेन से कह रहा है कि दरवाजे खुले हैं, लेकिन नाटो के सभी सदस्य नहीं चाहते कि यूक्रेन शामिल हो, तो साफ बताएं, क्योंकि खुले दरवाजों से ज्यादा, खुले जवाबों की जरूरत है।
             यूक्रेन का दावा है कि लुहान्स्क और दोनेस्क में अलगाववादी गोलाबारी कर रहे हैं। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्ष गोलियां, ग्रेनेड और गोले बरसा रहे हैं। शनिवार को स्वित्लोदक में भी गोलाबारी की आवाज सुनाई दी। विशेषज्ञ चिंतित हैं, क्योंकि यहां जहरीली गैसों के टैंक हैं। टैंक हमले की चपेट में आने पर पूरा शहर श्मशान बन जाएगा। यूक्रेनी गोला यूरोप के सबसे बड़े उर्वरक कारखानों में से एक के पास फटा। यहां टैंकों में अमोनिया गैस भरी है।
              अलगाववादियों ने बताया यूक्रेन ने दोनेस्क में पेयजल आपूर्ति को निशाना बनाया, जिससे लाखों लोगों के लिए पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई। अब तक दस हजार से ज्यादा लोगों ने रूस में शरण ली है। कुल सात लाख लोगों को निकाला जाना है। रूस ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन के दो गोले रोस्तोव में गिरे।
              फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को व्लादिमीर पुतिन से 105 मिनट बात की। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक रूस संकट के समाधान पर सहमत है। जल्द ही पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मुलाकात हो सकती है। एक राजनयिक ने कहा कि बाइडन पुतिन से किसी भी समय मिलने को तैयार हैं।
             जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर रूस की तरफ कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति को फोन किया और कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाने के लिए कहा, जिससे बातचीत के रास्ते बंद हो जाएं, खासतौर पर जब अमेरिकी रक्षामंत्री और रूस के रक्षामंत्री की बैठक प्रस्तावित है।
             जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर रूस की तरफ कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति को फोन किया और कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाने के लिए कहा, जिससे बातचीत के रास्ते बंद हो जाएं, खासतौर पर जब अमेरिकी रक्षामंत्री और रूस के रक्षामंत्री की बैठक प्रस्तावित है।
              इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने रविवार को कहा कि यूरोप में युद्ध की आशंका वास्तविक है। उन्होंने कहा, यूक्रेन पर रूसी हमले की स्थिति में अमेरिका रूस पर अब तक के सबसे बड़े प्रतिबंध लगाएगा। हेरिस ने कहा, उनका देश यूक्रेन की हर हाल में मदद करेगा।

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