यूके की 26 कंपनियां भारत में करेंगी निवेश- एफटीए

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

यूके की 26 कंपनियां भारत में करेंगी निवेश- एफटीए

-एयरबस-रॉल्स रॉयस भेजेंगी पांच अरब डॉलर के विमान-इंजन

बिजनेस डेस्क/शिव कुमार यादव/- भारत और ब्रिटेन ने गुरुवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किया। ये समझौता दोनों देशों के बीच के रिश्ते में मजबूती के साथ-साथ भरोसे और व्यापार के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। हालांकि समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही इसका असर दिखने लगा है। ब्रिटेन की 26 बड़ी कंपनियां अब भारत में निवेश करने और व्यापार बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इन कंपनियों में विमान बनाने वाली एयरबस और इंजन बनाने वाली रॉल्स रॉयस भी शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों ने आने वाले समय में भारत को लगभग पांच अरब डॉलर (करीब 42,000 करोड़ रुपये) के विमान और इंजन बेचने की योजना बनाई है। इससे भारत की विमानन कंपनियों को नए और आधुनिक विमान मिलेंगे, वहीं ब्रिटेन में नई नौकरियां भी बनेंगी।

भारत में निवेश को तैयार अन्य कंपनियां
26 कंपनियों के इस सूची में अब बात अगर भारत में निवेश करने के लिए तैयार कुछ कंपनियों की करें तो इसमें कारखानों और उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने की तकनीक पर काम करने वाली कंपनी कार्बन क्लीन शामिल है। यह कंपनी भारत में हरित तकनीक (ग्रीन टेक्नोलॉजी) लाने की योजना बना रही है। कार्बन क्लीन के बाद ऑक्विटी नामक एक हेल्थ टेक कंपनी भी भारत में चिकित्सा सेवाओं और उपकरणों के क्षेत्र में निवेश करना चाहती है। जॉनसन मैथ्थे कंपनी केमिकल्स और बैटरियों से जुड़ी तकनीकों पर काम करती है। भारत में हरित रसायनों के उत्पादन की तैयारी है। इसके साथ ही मार्कस इवांस नामक एक कंपनी जो कि इवेंट मैनेजमेंट और बिजनेस सलाह देने वाली कंपनी है। यह भारत में अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती है।

समझिए इससे क्या होगा फायदा?
भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार के रिश्ते में एक नया आयाम लेकर आएगा। बात अगर इस समझौते से भारत को होने वाले फायदे की करें तो इसके तहत भारत को नई तकनीकें, नौकरियों के मौके और बड़ी कंपनियों से निवेश मिलेगा। वहीं ब्रिटेन को अपने प्रोडक्ट्स बेचने का बड़ा बाजार और आर्थिक फायदा मिलेगा। कुल मिलाकार यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे व्यापार बढ़ेगा और लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox