यातायात को मिलेगी नई दिशा, पीएम मोदी ने द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-II किए शुरू

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

यातायात को मिलेगी नई दिशा, पीएम मोदी ने द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-II किए शुरू

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 17 अगस्त 2025 को दिल्ली के रोहिणी से दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं—द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड और शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II)—का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एक भव्य रोड शो भी किया। उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी ये परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या को कम करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती देने में मील का पत्थर साबित होंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इसे “विकसित दिल्ली” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

समय और ट्रैफिक से मिलेगी राहत
UER-II के शुरू होने से दिल्लीवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। अभी सिंघु बॉर्डर से द्वारका एक्सप्रेसवे तक की दूरी तय करने में ढाई घंटे का समय लगता है, लेकिन अब यह सफर केवल 40 मिनट में पूरा होगा। यह परियोजना प्रतिदिन दिल्ली में प्रवेश करने वाले करीब तीन लाख वाहनों को शहर के भीतर आने से रोकेगी, जिससे इनर और आउटर रिंग रोड पर दबाव कम होगा। 75 किलोमीटर लंबा UER-II अलीपुर से शुरू होकर मुंडका, नजफगढ़ और द्वारका होते हुए एनएच-48 तक जाएगा।

द्वारका एक्सप्रेसवे: मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का नया अध्याय
द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड 10.1 किलोमीटर लंबा है और इसे 5,360 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह खंड यशोभूमि, दिल्ली मेट्रो की ब्लू और ऑरेंज लाइन, आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका बस डिपो को आपस में जोड़ेगा। इसमें दो भाग शामिल हैं—5.9 किलोमीटर का शिव मूर्ति से द्वारका सेक्टर-21 तक और 4.2 किलोमीटर का द्वारका सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक। इस परियोजना से दिल्ली-एनसीआर में सुगम यातायात के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण घटेगा और यात्रियों को तेज एवं आरामदायक सफर का अनुभव होगा।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox