अहमदाबाद/अनीशा चौहान/- अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे में जहां 242 में से 241 लोगों की जान चली गई, वहीं एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में जाकर मुलाकात की। पीएम ने विश्वास से उस दिल दहला देने वाले हादसे के बारे में पूछा, जिसे उन्होंने अपनी आंखों से देखा और खुद उस मौत के मुंह से वापस लौटे।
मुझे लगा मैं भी अब नहीं बचूंगा – विश्वास कुमार
विश्वास कुमार ने बताया कि हादसे के समय उन्हें कुछ समझ नहीं आया। सब कुछ उनकी आंखों के सामने हुआ। उन्होंने कहा, “एक पल को लगा कि मेरी भी जिंदगी अब खत्म हो गई है। लेकिन जब होश आया तो खुद को ज़िंदा पाया। मैंने सीट बेल्ट खोली और देखा कि कुछ जगह है, तो निकलने की कोशिश की और किसी तरह बाहर आ गया।”
आंखों के सामने सब कुछ खत्म हो गया
विश्वास ने भावुक होते हुए कहा, “मेरी आंखों के सामने ही विमान में मौजूद एयर होस्टेस, आंटी-अंकल, और बाकी यात्री सब एक झटके में चले गए। कोई कुछ कर ही नहीं सका। उस पल को मैं कभी नहीं भूल सकता।”
सीट 11-ए बनी ज़िंदगी की ढाल
दूरदर्शन को दिए एक इंटरव्यू में विश्वास ने बताया कि उनकी सीट विमान के उस हिस्से में थी, जो इमारत के ग्राउंड फ्लोर से टकराया था। वो जगह अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुई थी और वहीं से उन्हें बाहर निकलने का रास्ता मिला। उन्होंने कहा कि सीट बेल्ट खोलकर जैसे ही दरवाज़ा टूटा, उन्होंने देखा कि थोड़ी जगह है और उसी रास्ते से वह बाहर निकल पाए।
बायां हाथ जल गया, लेकिन जान बच गई
उन्होंने बताया कि हादसे में उनका बायां हाथ आग की लपटों की चपेट में आकर जल गया, लेकिन वह उस दर्द की तुलना में कुछ नहीं है जो उन लोगों को खोने का है जो उनके साथ थे।
मुझे खुद नहीं पता मैं कैसे बचा
विश्वास ने कहा, जिस तरफ मैं बैठा था, वहां से थोड़ा स्पेस था। लेकिन विमान का ज्यादातर हिस्सा एक बिल्डिंग की दीवार से टकरा गया था, जिससे किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। शायद ईश्वर की ही कृपा थी कि मैं उस जगह पर बैठा था। आज भी यकीन नहीं होता कि मैं बच गया।


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