मानसी शर्मा /- हरियाणा विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अबी तक इस सदमे से उभरी भी नहीं, कि इसी बीच पार्टी को एक और झटका लगा। दक्षिणी हरियाणा से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ओबीसी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद उन्होंने पार्टी पर कई आरोप भी लगाए है।
कैप्टन अजय यादव ने पार्टी छोड़ने से पहले कांग्रेस पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके साथ गलत व्यवहार किया गया है। इसलिए पार्टी आलाकमान से उनका मोहभंग हो गया है।
इस्तीफा स्वीकार होने पर बताएंगे पार्टी का सच
इसी बीच शुक्रवार को कैप्टन अजय यादव ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें लिखा था कि’मैं इंतजार कर रहा हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मेरा इस्तीफा स्वीकार करें तो मैं मीडिया से मुलाकात करूंगा। मैं बताऊंगा कि कैसे दो साल से कुछ नेता मुझे अपमानित और परेशान कर रहे थे।’
इस्तीफा स्वीकार होते ही भविष्य का फैसला करेंगे
इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘मैं साधु नहीं हूं और एक पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ हूं। इस्तीफा स्वीकार होते ही मैं अपने भविष्य का फैसला करूंगा। मैं विस्तार से बताऊंगा कि मेरा राजनीतिक करियर छोटा करने के लिए किस तरह कुछ नेताओं ने काम किया और बाधाएं खड़ी कीं।’
अजय यादव ने किया था पोस्ट
इससे पहले कैप्टन अजय यादव ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें उन्होंने पार्टी छोड़ने की जानकारी दी है। इसी के साथ वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद से मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया है।
‘परिवार का 70 सालों से पार्टी से जुड़ाव’
उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस पार्टी को छोड़ने का निर्णय वास्तव में मेरे लिए कठिन था। क्योंकि मेरे परिवार का 70 सालों से इस पार्टी से जुड़ाव था। मेरे पिता दिवंगत राव अभय सिंह 1952 में विधायक बनें। इसलिए मैंने भी इसी पारिवारिक परंपरा को जारी रखा।


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